रिपोर्ट: अखंड अवध कार्यालय लखनऊ
फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक महिला दरोगा का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और उच्च अधिकारियों ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। वायरल वीडियो में आरोप है कि दरोगा सुधा पाल ने 7 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। खास बात यह है कि उन्होंने यह रकम सीधे अपने हाथ से नहीं ली, बल्कि अपने ड्राइवर के माध्यम से पैसे मंगवाए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति मुस्कुराते हुए पैसे देता है और पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड किया जा रहा है। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, यह मामला किसी विवाद या मामले को निपटाने के बदले रिश्वत लेने से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन वीडियो के वायरल होते ही पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तुरंत जांच के आदेश दिए। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद दरोगा सुधा पाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया है। आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब कानून के रक्षक ही इस तरह के मामलों में लिप्त पाए जाएंगे, तो न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है। ऐसे मामलों से पुलिस की छवि भी धूमिल होती है और जनता का भरोसा कमजोर पड़ता है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। किसी भी कर्मचारी को नियमों के विरुद्ध कार्य करते हुए पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में भी दोषी पाए जाने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन कार्रवाई अक्सर सीमित ही रह जाती है। लोगों ने मांग की है कि इस मामले में पारदर्शी जांच हो और दोषी को कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे। फिलहाल, यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे सिस्टम की खामी बता रहे हैं, तो कुछ इसे व्यक्तिगत भ्रष्टाचार का मामला मान रहे हैं। अब सबकी नजर जांच के नतीजों पर टिकी हुई है। यह देखना अहम होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या यह घटना पुलिस विभाग में सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम साबित होगी या नहीं।
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