खतरे में विंध्याचल पीपा पुल: एक पीपा धंसा, कर्मचारी सोते रहे, हादसे का बढ़ा खतरा
मीरजापुर संवाददाता मनीष पाण्डेय
विंध्याचल (मिर्जापुर)। हरसिंपुर और विंध्याचल को जोड़ने वाला गंगा नदी पर बना पीपा पुल इन दिनों गंभीर खतरे का कारण बना हुआ है। पुल की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर पुल पार करने को मजबूर हैं। पुल का एक पीपा पानी में धंस गया है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हैरानी की बात यह है कि पुल की देखरेख करने वाले कर्मचारी मौके पर मौजूद होने के बावजूद लापरवाही बरत रहे हैं।
धंसा पीपा, कभी भी हो सकता है हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार विंध्याचल की ओर पुल का एक पीपा पानी में धंस गया है। यदि नदी में पानी ज्यादा होता तो पीपा पूरी तरह डूब सकता था और बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल पानी कम होने की वजह से स्थिति और ज्यादा गंभीर नहीं हुई, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है। पुल का एक हिस्सा नीचे धंस जाने से पुल टेढ़ा हो गया है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों और बाइक सवारों को पुल पार करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे हैं।
पुल की देखरेख करने वाले कर्मचारी लापरवाह
सबसे बड़ी बात यह सामने आई है कि पुल की देखरेख करने वाले कर्मचारी मौके पर बने टेंट में आराम करते नजर आए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय टेंट में सोते रहते हैं और पुल की स्थिति पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मजबूरी में लोग नदी में उतरकर पार कर रहे रास्ता
पुल की खराब स्थिति के कारण कुछ लोग पैदल पुल पार कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग अपनी बाइक लेकर गंगा की धारा में उतरकर दूसरी ओर जाने को मजबूर हैं। यह स्थिति बेहद खतरनाक है, क्योंकि नदी में फिसलन और गड्ढों की वजह से कभी भी दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पुल हरसिंपुर और विंध्याचल के बीच आवागमन का प्रमुख साधन है। इस पुल से रोजाना सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं। पुल खराब होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
प्रशासन की लापरवाही से बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुल की स्थिति काफी समय से खराब है, लेकिन अभी तक मरम्मत का कोई काम नहीं कराया गया। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। पुल से रोजाना स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी गुजरते हैं, जिससे खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।
लोगों ने की मरम्मत की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पुल की मरम्मत कराई जाए और धंसे हुए पीपे को ठीक कराया जाए। साथ ही पुल पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो। लोगों का कहना है कि जब तक पुल की मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक भारी वाहनों और दोपहिया वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई जानी चाहिए।
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
जिस तरह से पुल का एक पीपा धंस गया है और कर्मचारी लापरवाही कर रहे हैं, उससे साफ है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यदि समय रहते प्रशासन नहीं जागा तो कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक पुल की मरम्मत कराई जाती है।
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