मीरजापुर से बड़ी खबर
मीरजापुर जनपद के पड़री क्षेत्र में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को डीएपी और यूरिया खाद के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी ब्लॉक की कई सहकारी समितियों पर खाद वितरण व्यवस्था प्रभावित होने से किसान सुबह से शाम तक लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। समय पर उर्वरक नहीं मिलने से धान की फसल पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
सहकारी समितियों पर बढ़ी किसानों की भीड़
खरीफ की बुवाई और फसल की देखभाल के लिए इस समय किसानों को डीएपी और यूरिया की सबसे अधिक आवश्यकता है। लेकिन पहाड़ी ब्लॉक की सहकारी समितियों पर पर्याप्त और सुचारु वितरण व्यवस्था न होने के कारण बड़ी संख्या में किसान रोजाना खाद लेने पहुंच रहे हैं और घंटों इंतजार के बावजूद कई बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
ई-पॉस मशीन और नेटवर्क की समस्या बनी बड़ी वजह
स्थानीय किसानों के अनुसार, खाद वितरण के दौरान ई-पॉस मशीन में नेटवर्क की समस्या बार-बार सामने आ रही है। नेटवर्क बाधित होने के कारण किसानों का सत्यापन समय पर नहीं हो पा रहा, जिससे वितरण प्रक्रिया काफी धीमी हो गई है।
इसके अलावा किसानों का कहना है कि कई बार संबंधित सचिव के समय पर उपलब्ध न होने से भी खाद वितरण प्रभावित होता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
धान की फसल पर मंडरा रहा संकट
किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए समय पर उर्वरक मिलना बेहद जरूरी होता है। यदि निर्धारित समय पर खाद नहीं मिली तो फसल की वृद्धि और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
कृषि विशेषज्ञ भी मानते हैं कि उर्वरकों का संतुलित और समय पर उपयोग बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक होता है। देरी होने पर फसल की गुणवत्ता और पैदावार पर असर पड़ सकता है।
किसानों ने प्रशासन से की मांग
क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराया जाए। साथ ही ई-पॉस मशीनों में नेटवर्क संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाए ताकि खाद वितरण प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके।
किसानों ने यह भी मांग की कि वितरण केंद्रों पर आवश्यक कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे लोगों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
समय पर समाधान की उम्मीद
स्थानीय किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या का जल्द संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सके और उनकी फसल प्रभावित न हो।
निष्कर्ष
मीरजापुर के पड़री क्षेत्र में खरीफ सीजन के बीच डीएपी और यूरिया की उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ई-पॉस मशीन में नेटवर्क की समस्या और वितरण व्यवस्था में आ रही बाधाओं के कारण किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से व्यवस्था में सुधार और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि समय पर फसल की जरूरतें पूरी हो सकें।
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