उप कृषि निदेशक कार्यालय में कर्मचारियों का प्रदर्शन
मिर्जापुर में संयुक्त कृषि निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) के खिलाफ कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने उप कृषि निदेशक कार्यालय परिसर में एकत्र होकर अपनी नाराजगी जताई और उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कार्यालय में कार्य वातावरण प्रभावित होने का आरोप लगाया।
संयुक्त कृषि निदेशक पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने संयुक्त कृषि निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) दीपक चौधरी पर मानसिक उत्पीड़न, अभद्र भाषा के प्रयोग और कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए। कर्मचारियों का कहना है कि उनके व्यवहार के कारण कार्यालय का माहौल प्रभावित हो रहा है।
कुछ महिला कर्मचारियों ने भी आरोप लगाया कि उन पर अधिकारी के पास बैठने का दबाव बनाया जाता है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
कृषि निदेशक को भेजा शिकायत पत्र
कर्मचारियों ने अपनी शिकायतों को लेकर कृषि निदेशक के नाम एक शिकायती पत्र भी भेजा है। ज्ञापन में आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से इस समस्या से परेशान हैं और अब उन्हें उच्च स्तर पर शिकायत करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सत्य सामने आ सके। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए और कार्यालय में स्वस्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
अधिकारी का पक्ष आना बाकी
समाचार लिखे जाने तक संयुक्त कृषि निदेशक दीपक चौधरी का पक्ष सामने नहीं आया था। यदि इस मामले में उनका या विभाग का आधिकारिक बयान जारी होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
निष्कर्ष
मिर्जापुर में संयुक्त कृषि निदेशक के खिलाफ कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल कर्मचारियों ने शिकायत पत्र देकर जांच की मांग की है। आरोपों की पुष्टि सक्षम जांच के बाद ही हो सकेगी और उसी के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी।
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