पठानकोट। पंजाब में नशे के खिलाफ सियासी और सामाजिक अभियान तेज हो गया है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को पठानकोट के ‘एकता स्थल’ से ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान के जरिए पार्टी ने राज्य के गांव-गांव तक नशा विरोधी संदेश पहुंचाने का संकल्प दोहराया है। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, 13 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य खासतौर पर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। इस अभियान के तहत चार अलग-अलग यात्राएं निकाली जा रही हैं। दूसरी यात्रा 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब, तीसरी 20 सितंबर को फाजिल्का और चौथी 21 सितंबर को बठिंडा के तलवंडी साबो से शुरू होगी। सभी यात्राओं के समापन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 सितंबर को जालंधर में एक रैली को संबोधित करेंगे। जनसभा को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि नशा ऐसा दुश्मन है, जो चुपचाप घरों और गांवों में प्रवेश कर पूरे परिवार को प्रभावित करता है। उन्होंने इस यात्रा को नशे के खिलाफ जनजागरण का संकल्प बताया। वहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नशे की समस्या खत्म करने के लिए पर्याप्त जमीनी कार्रवाई नहीं हो रही है। पंजाब बीजेपी प्रमुख केवल सिंह ढिल्लों ने भी राज्य सरकार पर नशे की समस्या रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब में बीजेपी की सरकार बनती है, तो पार्टी नशे के खिलाफ कदम उठाएगी। कार्यक्रम में सतीश पूनिया, तरुण चुघ, सुनील जाखड़, मनप्रीत सिंह बादल और परनीत कौर समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। अब देखना होगा कि 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने वाली यह यात्रा नशे के खिलाफ जागरूकता और राजनीतिक बहस को किस तरह आगे बढ़ाती है।
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