निफाड। महाराष्ट्र के नासिक जिले के निफाड में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर ऐसा विरोध देखने को मिला, जिसने नगर प्रशासन से लेकर पशु अधिकार कार्यकर्ताओं तक को नाराज कर दिया। युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे ने नगर पंचायत कार्यालय में मुख्य अधिकारी की मेज पर पिल्लों से भरा बोरा डाल दिया। आखिर इस विरोध के पीछे क्या वजह थी और अब प्रशासन क्या कार्रवाई चाहता है? निफाड नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी धीरज भामरे के मुताबिक, विक्रम रंधावे कुछ लोगों के साथ कार्यालय पहुंचे थे। वहां आवारा कुत्तों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर बहस हुई और इसी दौरान उन्होंने बोरे में बंद पिल्लों को अधिकारी की मेज पर डाल दिया। मुख्य अधिकारी ने इस घटना को निंदनीय बताते हुए प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, विक्रम रंधावे ने अपने विरोध का बचाव करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन पिछले सात महीनों से उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुत्तों के काटने की घटनाओं से महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। रंधावे के मुताबिक, अस्पताल के रिकॉर्ड में जून और जुलाई के दौरान 154 मामले दर्ज किए गए, जबकि अगस्त में 151 मामले सामने आए। हालांकि, इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। इस पूरे मामले पर पशु कल्याण कार्यकर्ता विजय अंगारे ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या और नसबंदी कार्यक्रम को लेकर प्रशासन से जवाब मांगना उचित हो सकता है, लेकिन जीवित पिल्लों को बोरे में बंद करके अधिकारी की मेज पर डालना गलत है। नगर प्रशासन ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब इस मामले में पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। साथ ही आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या, लोगों की सुरक्षा और पशुओं के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने की चुनौती भी सामने है।
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