Wednesday, September 16, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeउत्तर प्रदेशमीरजापुर में सड़क सुरक्षा पर बड़ा एक्शन! बिना फिटनेस नहीं चलेंगे स्कूली...

मीरजापुर में सड़क सुरक्षा पर बड़ा एक्शन! बिना फिटनेस नहीं चलेंगे स्कूली वाहन, हादसे में घायलों का होगा मुफ्त इलाज

सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन का सख्त रुख

मीरजापुर में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिले में लगातार सामने आने वाली सड़क दुर्घटनाओं, खराब सड़कों, स्कूली वाहनों की फिटनेस, अवैध पार्किंग, ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने साफ किया कि सड़क सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि वे केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि मौके पर जाकर समस्याओं की जांच करें और समय रहते उनका समाधान सुनिश्चित करें।

बारिश से खराब हुई सड़कों को दो दिन में ठीक करने का निर्देश

बैठक में जिलाधिकारी ने बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्षा के कारण जिन सड़कों पर गड्ढे या अन्य नुकसान हुआ है, उन्हें आगामी दो दिनों के भीतर हर हाल में दुरुस्त कराया जाए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से उन मार्गों पर ध्यान देने को कहा, जहां से बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। कांवड़ लेकर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के मार्गों को भी सुरक्षित और सुगम बनाने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन की ओर से माना गया कि बारिश के बाद सड़क पर बने गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। रात के समय इन स्थानों पर दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में संबंधित विभागों को सड़क की स्थिति का भौतिक निरीक्षण करने और जरूरत के अनुसार मरम्मत कराने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस विभाग के अधीन सड़क आती है, उसकी जिम्मेदारी भी उसी विभाग के अधिकारियों की होगी।

बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूली वाहनों की होगी जांच

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में संचालित स्कूली वाहनों की नियमित जांच की जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना फिटनेस के कोई भी स्कूली वाहन सड़क पर नहीं चलना चाहिए।

स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए वाहनों की तकनीकी स्थिति और फिटनेस की जांच को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को स्कूल पहुंचाने और वापस घर लाने वाले वाहनों में किसी तरह की लापरवाही न हो। अधिकारियों को जांच अभियान लगातार जारी रखने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्कूली वाहनों की फिटनेस को लेकर प्रशासन की यह सख्ती अभिभावकों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वाहन सुरक्षित स्थिति में हों और उनमें किसी तरह की तकनीकी कमी न हो, इसे लेकर संबंधित विभागों को नियमित निगरानी रखने के लिए कहा गया है।

अवैध स्टैंड हटाया गया, हाईवे पर पार्किंग को लेकर अभियान

बैठक में अवैध स्टैंड और हाईवे पर होने वाली अवैध पार्किंग की भी समीक्षा की गई। नगर पालिका मीरजापुर के अधिशासी अभियंता ने अधिकारियों को बताया कि चिन्हित किए गए एक अवैध स्टैंड को हटा दिया गया है। इसके बाद जिलाधिकारी ने हाईवे पर बड़े वाहनों की अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि हाईवे और प्रमुख सड़कों पर गलत तरीके से खड़े किए गए बड़े वाहन यातायात व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। कई बार ऐसे वाहन सड़क की दृश्यता भी कम कर देते हैं, जिससे दूसरे वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ सकता है। इसलिए अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों के खिलाफ चालान की सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।

प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया कि ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाए जहां बार-बार वाहन खड़े होने के कारण यातायात बाधित होता है। संबंधित विभागों और पुलिस अधिकारियों को मिलकर कार्रवाई करने की बात कही गई है।

नटवा चौराहे के गड्ढों पर NHAI अधिकारी को फटकार

बैठक के दौरान नटवा चौराहे की सड़क का मुद्दा भी सामने आया। यहां पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद सड़क के गड्ढों को ठीक नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने NHAI के सहायक अभियंता अजीत प्रकाश वर्मा को कड़ी फटकार लगाई।

जिलाधिकारी ने सड़क को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मौके पर जाकर निरीक्षण करें और जहां भी सुधार की आवश्यकता है, वहां तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क से जुड़ी समस्याओं को लेकर सिर्फ रिपोर्ट भेजना पर्याप्त नहीं होगा। अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

हादसे में घायल लोगों को मिलेगा तत्काल इलाज

बैठक में सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधा को लेकर भी बड़ा निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को इलाज मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को इमरजेंसी मेडिकल प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। सरकारी हो या निजी अस्पताल, घायल मरीज का इलाज पैसे की वजह से रोका नहीं जाना चाहिए। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि घायल व्यक्ति के तत्काल उपचार की व्यवस्था की जाएगी और इलाज का पूरा भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में मरीज को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। प्रशासन का मानना है कि गंभीर सड़क हादसे के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में इलाज में देरी की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को पहले से बेहतर व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

तीन या उससे अधिक मौत वाले हादसों की होगी संयुक्त जांच

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की भी समीक्षा की गई। रोड सेफ्टी पॉलिसी के चार ‘E’ और जिले में हुई दुर्घटनाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली गई। दुर्घटनाओं की संख्या, स्थान और उनके संभावित कारणों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन सड़क हादसों में तीन या उससे अधिक लोगों की मौत हुई है, उनकी संयुक्त जांच कराई जाए। इस जांच में संबंधित विभागों के नामित प्रतिनिधि शामिल होंगे। जांच निर्धारित प्रारूप के अनुसार की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि दुर्घटना के पीछे सड़क की स्थिति, यातायात व्यवस्था, वाहन संबंधी समस्या या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था या नहीं।

ऐसी घटनाओं की जांच के आधार पर भविष्य में उसी तरह के हादसों को रोकने के लिए जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे। प्रशासन ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।

ब्लैक स्पॉट पर विशेष निगरानी

सड़क सुरक्षा के तहत दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे स्थानों की पहचान कर वहां आवश्यक सुधार किए जाएं। जरूरत के अनुसार सड़क की स्थिति, संकेतक, यातायात व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाए।

प्रशासन का उद्देश्य केवल हादसे के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि दुर्घटना की संभावनाओं को पहले से कम करना है। इसके लिए सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारी के अनुसार काम करने को कहा गया है।

अधिकारियों को धरातल पर उतरने के निर्देश

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। खराब सड़क, अवैध पार्किंग, ब्लैक स्पॉट और स्कूली वाहनों की फिटनेस जैसे मामलों में नियमित निगरानी की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने-अपने विभाग से संबंधित सड़कों और स्थानों का स्थलीय निरीक्षण करें। समस्या मिलने पर तत्काल सुधार कराया जाए और कार्रवाई की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन की इस सख्ती के बाद अब देखना होगा कि जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था कितनी तेजी से जमीन पर बदलती है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कीर्ति कुमार मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद अब स्कूली वाहनों की फिटनेस, हाईवे पर अवैध पार्किंग, खराब सड़कों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर कार्रवाई को लेकर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही सड़क हादसे में घायल लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी मजबूत किए जाने की तैयारी है।

Loading

RELATED ARTICLES

55 पाउच अवैध कच्ची शराब के साथ एक आरोपी गिरफ्तार, आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज

बाजपुर। सुल्तानपुर पट्टी चौकी पुलिस ने अवैध कच्ची शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक आरोपी को 55 पाउच अवैध कच्ची...

खेकड़ा में चेकिंग के दौरान तमंचे के साथ युवक गिरफ्तार, आठ मुकदमों का है आपराधिक इतिहास

बागपत/खेकड़ा। अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत खेकड़ा कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक युवक को अवैध तमंचे...

तिर्वा पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर अपराधी, तमंचा-कारतूस बरामद

कन्नौज। तिर्वा कोतवाली पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!
🔴
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की बैठक लखनऊ गोमती नगर में सम्पन्न हुई • गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आम आदमी पार्टी की तिरंगा पदयात्रा • डॉ. नेहा सोलंकी को मिला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाणपत्र