Wednesday, November 4, 2026
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शहादत यौमे अली रज़ि. के मौके पर बड़ी मस्जिद फतेहपुर में जलसा आयोजित

बड़ी मस्जिद फतेहपुर में हज़रत अली रज़ि. की शहादत पर जलसा, अमन और इंसाफ का दिया पैगाम

फतेहपुर (बाराबंकी)। कस्बा फतेहपुर की ऐतिहासिक बड़ी मस्जिद में हज़रत अली रज़ि. की शहादत के मौके पर “यौमे शहादत हज़रत अली रज़ि.” के नाम से एक धार्मिक जलसे का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नमाज़-ए-इशा के बाद अंजुमन तहफ्फूज ए नामूसे सहाबा की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और धर्मप्रेमियों ने शिरकत कर हज़रत अली रज़ि. को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।

कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज मोहम्मद जुबैर ने कुरआन मजीद की तिलावत से की। जलसे की सरपरस्ती सैय्यद महमूद ने की, जबकि इसकी सदारत और मुख्य तकरीर मौलाना हबीब कासमी (इमाम जामा मस्जिद व ईदगाह फतेहपुर) ने की। अपने बयान में मौलाना हबीब कासमी ने हज़रत अली रज़ि. की सीरत, उनकी बहादुरी, इल्म और इंसाफ पसंदी पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि हज़रत अली रज़ि. की पूरी जिंदगी उम्मत के लिए एक बेहतरीन मिसाल है। उनकी शिक्षाएं हमें सच्चाई, न्याय और इंसानियत के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती हैं। मौलाना हबीब कासमी ने अपने संबोधन में कहा कि हज़रत अली रज़ि. इस्लाम के चौथे खलीफा होने के साथ-साथ इल्म और हिकमत के बड़े आलिम थे। उन्होंने हमेशा इंसाफ और सच्चाई का साथ दिया और मुश्किल हालात में भी सब्र और हिम्मत का दामन नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हज़रत अली रज़ि. की शिक्षाओं को अपनाना समाज में अमन, भाईचारा और इंसाफ कायम करने के लिए बेहद जरूरी है।

इस मौके पर मुफ्ती नजीब कासमी ने भी अपना बयान पेश किया। उन्होंने हज़रत अली रज़ि. की जिंदगी और उनकी कुर्बानियों पर रोशनी डालते हुए कहा कि उनकी तालीमात इंसाफ, सब्र और सच्चाई का पैगाम देती हैं। उन्होंने कहा कि हज़रत अली रज़ि. ने अपनी पूरी जिंदगी इस्लाम और इंसानियत की खिदमत में गुजारी और उनके उसूल आज भी पूरी दुनिया के लिए रहनुमाई का जरिया हैं। कार्यक्रम में खतीब अल्वी, मुतवल्ली इकराम आलम अंसारी, मोहम्मद फुरकान, मोहम्मद असलम, मोहम्मद वसीम और क़ारी मोहम्मद वेस सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने जलसे में शरीक होकर हज़रत अली रज़ि. की शहादत को याद किया और उनकी शिक्षाओं को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में अंजुमन तहफ्फूज ए नामूसे सहाबा के सदर सलाहुद्दीन ने सभी मेहमानों और उपस्थित लोगों का शुक्रिया अदा किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

रिपोर्ट: मोहम्मद फैसल सिद्दीकी, बाराबंकी

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