रिश्वतखोर के आंसू! 2 लाख लेते पकड़े गए प्रोजेक्ट मैनेजर, गिरफ्तारी के बाद फूट-फूट कर रोए
महोबा से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सीएमओ ऑफिस में तैनात परिवार कल्याण विभाग के प्रोजेक्ट मैनेजर जीतेश सोनी को एंटी करप्शन टीम ने 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया और आरोपी की गिरफ्तारी क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
ट्रांसफर कराने के नाम पर मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, आरोपी प्रोजेक्ट मैनेजर जीतेश सोनी पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से ट्रांसफर कराने के नाम पर 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित व्यक्ति लंबे समय से ट्रांसफर के लिए प्रयास कर रहा था, इसी दौरान उसकी मुलाकात प्रोजेक्ट मैनेजर से हुई। आरोप है कि अधिकारी ने ट्रांसफर कराने के लिए मोटी रकम की मांग की और कहा कि पैसे देने पर ही काम होगा। पीड़ित व्यक्ति ने पहले तो पैसे देने से मना किया, लेकिन जब अधिकारी बार-बार दबाव बनाने लगा तो उसने इस मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी। इसके बाद टीम ने पूरे मामले की जांच की और रिश्वत लेते हुए आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई।
होटल में तय हुई थी रिश्वत की डील
बताया जा रहा है कि रिश्वत की रकम देने के लिए एक होटल में मिलने की बात तय हुई थी। एंटी करप्शन टीम ने पहले से ही जाल बिछा दिया था और जैसे ही होटल में पैसे का लेन-देन शुरू हुआ, टीम ने मौके पर छापा मार दिया। छापेमारी के दौरान टीम ने आरोपी को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई इतनी अचानक हुई कि आरोपी को संभलने का मौका भी नहीं मिला। मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गिरफ्तारी के बाद फूट-फूट कर रोने लगा आरोपी
कार्रवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाला दृश्य तब देखने को मिला जब रिश्वत लेते पकड़े गए प्रोजेक्ट मैनेजर जीतेश सोनी फूट-फूट कर रोने लगे। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी खुद को बचाने की कोशिश करता रहा और रोते हुए माफी मांगने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आरोपी लगातार रो रहा था और खुद को निर्दोष बताने की कोशिश कर रहा था। लेकिन एंटी करप्शन टीम ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। टीम को लंबे समय से इस प्रकार की शिकायतें मिल रही थीं कि विभाग में ट्रांसफर और अन्य कामों के नाम पर रिश्वत ली जाती है। इस शिकायत के बाद टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी भ्रष्ट अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
आरोपी के खिलाफ केस दर्ज
एंटी करप्शन टीम ने आरोपी प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति या अधिकारी शामिल तो नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और सीएमओ ऑफिस में हड़कंप मच गया है। कर्मचारियों के बीच इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी काफी समय से इस पद पर तैनात था और उस पर पहले भी इस तरह के आरोप लग चुके थे। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एंटी करप्शन टीम इस मामले की पूरी जांच कर रही है।
भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना के सामने आने के बाद लोगों ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की वजह से आम जनता को काफी परेशानी होती है और बिना रिश्वत दिए कोई काम नहीं होता। स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी रिश्वत लेने की हिम्मत न कर सके।
“रिश्वत लेते दरोगा का VIDEO वायरल! 7 हजार की घूस ड्राइवर से मंगवाती थीं सुधा पाल, सस्पेंड”
जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे
सूत्रों के अनुसार, एंटी करप्शन टीम आरोपी के बैंक खातों, संपत्ति और पिछले कार्यकाल की भी जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। bयदि जांच में यह साबित होता है कि आरोपी लंबे समय से रिश्वत ले रहा था, तो उसके खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई हो सकती है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी
एंटी करप्शन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि किसी भी सरकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगी जाती है तो उसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाती है और कार्रवाई भी की जाती है।
![]()



