अफवाहों ने मचाई अफरा-तफरी, बाराबंकी के पेट्रोल पंपों पर आधी रात हड़कंप
मसौली संवाददाता आदर्श रावत
बाराबंकी पेट्रोल पंप अफवाह ने गुरुवार देर रात पूरे जिले में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। पेट्रोल-डीजल की किल्लत की खबर जैसे ही लोगों तक पहुंची, वैसे ही देर रात पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। कई जगहों पर हालात ऐसे हो गए मानो कोई आपातकाल की स्थिति हो। लोग आधी रात को ही अपने वाहन लेकर पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़े।
आधी रात पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़
गोंडा-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर हसनपुर के पास स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली। रात करीब 11 बजे के बाद अचानक बड़ी संख्या में बाइक, कार, ट्रैक्टर और अन्य वाहन पेट्रोल पंप पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते पेट्रोल पंप पर लंबी लाइन लग गई। कई लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ जगहों पर जल्दबाजी और लाइन तोड़ने को लेकर लोगों में बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पेट्रोल पंप पर इतनी भीड़ थी कि सड़क तक वाहनों की कतार पहुंच गई थी, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पेट्रोल पंप कर्मचारियों को व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
अफवाह कैसे फैली?
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-इराक क्षेत्र में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरें और मैसेज वायरल होने लगे। इन्हीं मैसेज में दावा किया गया कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी हो सकती है।
बाराबंकी पेट्रोल पंप अफवाह का असर यह हुआ कि लोगों में डर फैल गया और वे रात में ही पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए निकल पड़े। देखते ही देखते यह अफवाह पूरे जिले में फैल गई और कई पेट्रोल पंपों पर भीड़ उमड़ पड़ी।
प्रशासन ने किया खंडन
जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत बयान जारी किया और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। प्रशासन ने स्पष्ट कहा कि बाराबंकी में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी किसी तरह की कमी नहीं है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, तेल कंपनियों से नियमित सप्लाई हो रही है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
कुछ पंपों पर अस्थायी कमी की स्थिति
हालांकि प्रशासन ने सप्लाई सामान्य होने की बात कही है, लेकिन अचानक बढ़ी भीड़ के कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी रूप से पेट्रोल या डीजल खत्म होने जैसी स्थिति बन गई। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग एक साथ पहुंच गए कि स्टॉक तेजी से खत्म हो गया, हालांकि सुबह तक नई सप्लाई पहुंच गई और स्थिति सामान्य हो गई।
किसानों और आम लोगों की बढ़ी चिंता
इस बाराबंकी पेट्रोल पंप अफवाह का सबसे ज्यादा असर किसानों और रोजाना वाहन चलाने वाले लोगों पर पड़ा। किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल और सिंचाई का काम चल रहा है, ऐसे में डीजल की जरूरत ज्यादा होती है। अगर डीजल की कमी हुई तो खेती का काम प्रभावित हो सकता है।
वहीं, रोजाना नौकरी या काम पर जाने वाले लोगों ने भी चिंता जताई कि अगर पेट्रोल-डीजल की किल्लत हुई तो उनका आवागमन प्रभावित होगा। इसी डर के कारण कई लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा लिया।
सोशल मीडिया बना अफवाह की वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहें बहुत तेजी से लोगों को प्रभावित करती हैं। बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के लोग मैसेज और पोस्ट पर भरोसा कर लेते हैं, जिससे इस तरह की स्थिति पैदा हो जाती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी खबर पर विश्वास करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं।
हालात अब सामान्य
बाराबंकी में फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पेट्रोल पंपों पर भीड़ कम हो गई है और सप्लाई भी सामान्य रूप से जारी है। प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
लेकिन इस पूरी घटना ने यह जरूर दिखा दिया कि एक छोटी सी अफवाह भी किस तरह बड़े स्तर पर अफरा-तफरी का कारण बन सकती है। जरूरत है कि लोग जागरूक रहें और बिना पुष्टि के किसी भी खबर पर विश्वास न करें।
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