मीरजापुर। जनपद में जल संरक्षण और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने मंगलवार को जोगियादरी क्षेत्र में प्रस्तावित चेक डैम निर्माण स्थल तथा निर्माणाधीन मां विंध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी किसी भी परियोजना में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
चेक डैम निर्माण स्थल का लिया जायजा
निरीक्षण की शुरुआत जोगियादरी क्षेत्र में प्रस्तावित चेक डैम निर्माण स्थल से हुई। जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थल की भौगोलिक स्थिति, निर्माण की संभावनाओं और तकनीकी पहलुओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। उन्होंने कहा कि चेक डैम का निर्माण जल संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र के पर्यावरण और भूजल स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
एक सप्ताह में सर्वे और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के भीतर पूरे क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण कर मानचित्र तैयार किया जाए और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वेक्षण के दौरान संभावित सीपेज की जांच अवश्य की जाए ताकि निर्माण के बाद किसी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने न आए।
इसके साथ ही अधिशासी अभियंता को चेक डैम निर्माण का विस्तृत प्राक्कलन (एस्टीमेट) शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, जिससे परियोजना को निर्धारित समय में शुरू किया जा सके।
मां विंध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय का भी किया निरीक्षण
चेक डैम स्थल का निरीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन मां विंध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय पहुंचकर विभिन्न भवनों के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति देखी और अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विशेष रूप से निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश दिए और कहा कि भवन निर्माण में केवल मानक गुणवत्ता वाली सामग्री का ही उपयोग किया जाए।
एडमिन ब्लॉक में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर दिया जोर
विश्वविद्यालय परिसर के एडमिन ब्लॉक का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप किए जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय अपनाए जाएं।
एकेडमिक ब्लॉक का भी किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विश्वविद्यालय के एकेडमिक ब्लॉक ‘ए’ और ‘बी’ का भी अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जैसी महत्वपूर्ण शैक्षणिक परियोजना का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा होना चाहिए ताकि भविष्य में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं मिल सकें।
ग्रेनाइट, टाइल्स और अन्य कार्यों पर दिए विशेष निर्देश
जिलाधिकारी ने भवनों में लगाए जा रहे ग्रेनाइट और टाइल्स की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी फिनिशिंग कार्य बेहतर तरीके से किए जाएं ताकि भवन लंबे समय तक सुरक्षित और उपयोगी बने रहें।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने लेक्चर रूम, परिसर में पौधरोपण तथा अन्य विकास कार्यों को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि परिसर का समग्र विकास विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समयबद्ध तरीके से पूरे हों जनहित के कार्य
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि जनहित से जुड़ी सभी विकास परियोजनाएं समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और जहां भी किसी प्रकार की बाधा हो, उसका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार, संबंधित विभागों के अधिकारी, अधिशासी अभियंता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कीर्ति कुमार मिश्रा तथा अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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