मिर्जापुर। सावन के पावन महीने और लगातार हो रही बारिश के बीच विंध्याचल धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बिजली विभाग ने क्षेत्र में विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत खुले विद्युत पोलों और विद्युत उपकरणों को सुरक्षित बनाने का कार्य किया जा रहा है, ताकि बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को कम किया जा सके। विभाग की टीम लगातार संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर रही है और जहां आवश्यकता महसूस हो रही है, वहां सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं।
बरसात में बढ़ जाता है विद्युत दुर्घटनाओं का खतरा
मानसून के दौरान लगातार बारिश होने से कई बार खुले विद्युत पोल और उपकरण पानी के संपर्क में आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में करंट फैलने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे आम लोगों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग ने विंध्याचल क्षेत्र में विशेष सुरक्षा अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
इस अभियान के अंतर्गत खुले विद्युत पोलों पर सुरक्षात्मक पॉलिथीन और विशेष पन्नी लगाई जा रही है। इसका उद्देश्य वर्षा के पानी को सीधे विद्युत उपकरणों तक पहुंचने से रोकना और संभावित जोखिम को कम करना है। विभाग का मानना है कि यह अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था बारिश के मौसम में काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
अधिशासी अभियंता के निर्देशन में चल रहा विशेष अभियान
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह अभियान अधिशासी अभियंता के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। क्षेत्रीय टीम लगातार अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण कर रही है और जहां भी खुले विद्युत पोल या जोखिमपूर्ण स्थान दिखाई दे रहे हैं, वहां तुरंत सुरक्षा संबंधी कार्य किए जा रहे हैं।
अभियान के दौरान कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से पूरे क्षेत्र की निगरानी करें और किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने आने पर तत्काल उसका समाधान सुनिश्चित करें। इससे बिजली व्यवस्था सुरक्षित बनाए रखने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की संभावना को भी कम किया जा सकेगा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दी जा रही प्राथमिकता
विंध्याचल धाम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। भारी भीड़ और लगातार बारिश को देखते हुए विद्युत सुरक्षा की जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
बिजली विभाग का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसलिए मंदिर मार्ग, प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते दूर किया जा सके।
स्थानीय लोगों ने की पहल की सराहना
क्षेत्र के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने विद्युत विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की है। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में इस प्रकार के सुरक्षा उपाय बेहद आवश्यक होते हैं। यदि खुले विद्युत पोलों को समय रहते सुरक्षित कर दिया जाए तो दुर्घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किए जाने से छोटी तकनीकी समस्याओं का भी जल्द समाधान हो जाता है, जिससे आम नागरिकों को राहत मिलती है।
नियमित निरीक्षण से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा
बिजली विभाग केवल सुरक्षा सामग्री लगाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी लागू की गई है। कर्मचारी लगातार यह देख रहे हैं कि कहीं कोई तार ढीला तो नहीं है, कोई पोल क्षतिग्रस्त तो नहीं है या फिर किसी स्थान पर पानी जमा होने से विद्युत जोखिम तो नहीं बन रहा।
यदि किसी स्थान पर कोई तकनीकी कमी दिखाई देती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जा रहा है। इससे पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिल रही है।
आम लोगों से भी की गई सतर्क रहने की अपील
विभाग ने लोगों से अपील की है कि बरसात के दौरान खुले विद्युत पोल, टूटे हुए तार या किसी भी संदिग्ध विद्युत उपकरण के पास जाने से बचें। यदि कहीं बिजली से संबंधित कोई समस्या दिखाई दे तो तुरंत संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दें। समय पर सूचना मिलने से संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
इसके साथ ही लोगों से यह भी कहा गया है कि बारिश के दौरान बिजली के खंभों को अनावश्यक रूप से न छुएं और बच्चों को भी ऐसे स्थानों से दूर रखें।
जनहित में जारी रहेगा अभियान
बिजली विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल कुछ दिनों तक सीमित नहीं रहेगा। मानसून के पूरे मौसम में आवश्यकता के अनुसार निरीक्षण और सुरक्षा कार्य जारी रहेंगे। जहां भी खुले विद्युत पोल या अन्य जोखिमपूर्ण स्थान चिन्हित होंगे, वहां तत्काल आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
विभाग का उद्देश्य केवल विद्युत आपूर्ति बनाए रखना नहीं, बल्कि आम नागरिकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। यदि इसी प्रकार नियमित रूप से सुरक्षा संबंधी कार्य होते रहे, तो बरसात के मौसम में विद्युत दुर्घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है।
विद्युत सुरक्षा से जुड़ी ऐसी पहलें न केवल प्रशासन की सतर्कता को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी बताती हैं कि सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। विंध्याचल धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर चलाया जा रहा यह अभियान श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
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