जच्चा बच्चा की मौत बाराबंकी: जन्म देते ही थम गई सांसें, मसौली में उजड़ा परिवार
मसौली संवाददाता आदर्श रावत
मसौली/बाराबंकी। जच्चा बच्चा की मौत बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र से एक बेहद मर्मांतक और दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। प्रसव के दौरान एक मां और उसके नवजात की मौत हो गई, जिससे पूरे परिवार की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ एक घर उजाड़ दिया, बल्कि दो मासूम बच्चों के सिर से हमेशा के लिए मां का साया भी छीन लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है और हर कोई इस घटना से स्तब्ध है। मिली जानकारी के अनुसार मसौली कस्बे की रहने वाली लाईलातून पत्नी इशरत अली को शनिवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा हुई। परिजन आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव लेकर पहुंचे। परिवार को उम्मीद थी कि घर में नई खुशियां आएंगी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
जच्चा बच्चा की मौत बाराबंकी: क्या है पूरा मामला
परिजनों के अनुसार महिला ने अस्पताल में बच्चे को जन्म तो दिया, लेकिन प्रसव के कुछ ही देर बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टरों ने काफी प्रयास किया, लेकिन महिला को बचाया नहीं जा सका और उसे मृत घोषित कर दिया गया। यह खबर सुनते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। अभी परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि थोड़ी देर बाद नवजात की भी मौत की खबर सामने आ गई। मां और नवजात की एक साथ मौत की खबर से परिवार पूरी तरह टूट गया। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। मृतका के पति इशरत अली ने बताया कि उनकी शादी करीब 10 साल पहले हुई थी और उनके दो छोटे-छोटे बच्चे—हैदर अली और इरम फातिमा—हैं। अब इन दोनों बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया है। परिवार के लोगों का कहना है कि अभी तक बच्चों को उनकी मां की मौत की जानकारी नहीं दी गई है। यह घटना पूरे परिवार के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही मसौली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
जच्चा बच्चा की मौत बाराबंकी की इस घटना के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर सही इलाज नहीं मिला, जिसकी वजह से जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर सही इलाज और डॉक्टरों की उचित देखभाल मिलती तो शायद मां और बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि डॉक्टरों ने महिला को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी हालत ज्यादा गंभीर थी। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मौत का असली कारण क्या था। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अक्सर सवालों के घेरे में रहती है। कई बार समय पर इलाज न मिलने और उचित सुविधाओं के अभाव में इस तरह की दुखद घटनाएं सामने आती रहती हैं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी काफी आक्रोश है और लोग स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं।
पूरे गांव में पसरा मातम
जच्चा बच्चा की मौत बाराबंकी की इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। गांव के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। हर कोई यही कह रहा है कि भगवान ऐसा दुख किसी को न दे। एक ही परिवार में एक साथ दो मौतों से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आखिर मां और नवजात की मौत किन कारणों से हुई। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। यह घटना न सिर्फ एक परिवार की निजी त्रासदी है, बल्कि यह स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी एक बड़ा सवाल है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग को इस तरह की घटनाओं से सबक लेते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दुख न झेलना पड़े।
स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए आप राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की आधिकारिक वेबसाइट भी देख सकते हैं।
https://nhm.gov.in/ इसी तरह स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
बाराबंकी में भीषण आग: दो सगे भाइयों के घर जले, लाखों का नुकसान
![]()



