मिर्जापुर में जिम के जरिए अवैध धर्मांतरण मामले में बड़ा एक्शन, 10 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई
मिर्जापुर पुलिस ने जिम के माध्यम से कथित अवैध धर्मांतरण और युवतियों के शोषण से जुड़े चर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर थाना कोतवाली देहात पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी संगठित गिरोह बनाकर युवतियों को अपने जाल में फंसाते थे और आर्थिक व भौतिक लाभ कमाने के उद्देश्य से अपराध को अंजाम देते थे।
पुलिस के अनुसार थाना कोतवाली देहात में पूर्व में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। पहला मुकदमा 19 जनवरी 2026 को और दूसरा 20 जनवरी 2026 को दर्ज हुआ था। दोनों मामलों में वादिनी की तहरीर पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान साक्ष्य मिलने पर कई गंभीर धाराएं और आईटी एक्ट की धारा 67बी भी बढ़ाई गई। बाद में दोनों मामलों में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया, जहां प्रकरण वर्तमान में विचाराधीन है।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि गैंग का सरगना इमरान खान अपने साथियों के साथ मिलकर जिम में आने वाली हिंदू युवतियों को ट्रेनिंग देने के बहाने अपने संपर्क में लाता था। आरोप है कि युवतियों को बहला-फुसलाकर उनके साथ संबंध बनाए जाते थे और फिर आपत्तिजनक फोटो व वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जाता था। पुलिस के मुताबिक आरोपियों द्वारा जबरन वसूली और धर्म परिवर्तन कराने जैसे अपराध भी किए जाते थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली देहात पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा संख्या 234/2026 दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह द्वारा अपराध से अर्जित संपत्तियों को भी चिन्हित किया जा रहा है और गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्तीकरण की कार्रवाई आगे की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने जनपद के सभी थाना प्रभारियों को अपराधियों, इनामियों, धर्मांतरण और संगठित अपराध में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में सभी आरोपी जिला कारागार मिर्जापुर में निरुद्ध बताए गए हैं।
इस पूरी कार्रवाई को लेकर मिर्जापुर पुलिस का कहना है कि समाज में भय और आतंक फैलाने वाले संगठित अपराधियों के खिलाफ आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। मामले की विवेचना और आर्थिक जांच अभी जारी है।
![]()



