संवाददाता मनीष पाण्डेय मीरजापुर
11 हजार पौधों से हरा-भरा होगा विश्वविद्यालय परिसर, बच्चों ने भी संभाली पर्यावरण बचाने की जिम्मेदारी
मड़िहान
धरती मां की हरियाली और जननी मां के प्रति सम्मान का अद्भुत संगम गुरुवार को मड़िहान की पावन धरती पर देखने को मिला। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित “एक पेड़ मां के नाम” जन-जागरूकता अभियान ने लोगों के दिलों को छू लिया। जब मण्डलायुक्त राजेश प्रकाश, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और अन्य अधिकारियों ने अपने हाथों से पौधे रोपित किए, तो यह केवल वृक्षारोपण का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि प्रकृति और मातृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक भावनात्मक अभियान बन गया।
सुबह की ताज़ी हवा और हरियाली के बीच मड़िहान रेंज के दाढ़ीराम क्षेत्र तथा मां विंध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण का यह महाअभियान शुरू हुआ। अधिकारियों ने बरगद, पीपल, नीम, पाकड़, आम और अन्य फलदार एवं छायादार पौधों को रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
“एक पेड़ मां के नाम” केवल अभियान नहीं, भविष्य को जीवनदान देने का संकल्प
मण्डलायुक्त राजेश प्रकाश ने कहा कि एक पेड़ लगाना केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को जीवन देने जैसा है। जिस तरह मां अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी तरह एक वृक्ष भी जीवनभर मानवता को छाया, शुद्ध वायु, फल और जीवन प्रदान करता है।
उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी करे। क्योंकि पौधा लगाना आसान है, लेकिन उसे वृक्ष बनाना सच्ची जिम्मेदारी है।
11 हजार पौधों से हरियाली का नया अध्याय लिखेगा विश्वविद्यालय
मां विंध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय, देवरी (मड़िहान) में आयोजित कार्यक्रम में मण्डलायुक्त राजेश प्रकाश, कुलपति प्रो. शोभा गौड़ तथा जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने पौधारोपण किया। विश्वविद्यालय परिसर में पाकड़, बरगद, नीम, आम सहित अनेक पौधे लगाए गए।
इस दौरान आयोजित बैठक में मण्डलायुक्त ने विश्वविद्यालय प्रशासन, अधिकारियों, कर्मचारियों और निर्माण कार्यों से जुड़ी संस्थाओं से आह्वान किया कि वे भी विश्वविद्यालय परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधे लगाएं।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की 14 एकड़ भूमि पर 11 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रत्येक रविवार को अधिकारियों की सहभागिता से लगभग 2200 पौधे लगाए जाएंगे। यह पहल आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय को एक विशाल हरित क्षेत्र के रूप में स्थापित करेगी।
जब बच्चों ने थामा पर्यावरण बचाने का संकल्प
मड़िहान
कार्यक्रम का सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला, जब जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार दाढ़ीराम क्षेत्र के कपसा झरना पहुंचे और वन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के साथ पौधारोपण किया।
नन्हे हाथों में पौधे और आंखों में हरियाली के सपने लिए बच्चे जब मिट्टी में पौधे रोप रहे थे, तो ऐसा लग रहा था मानो भविष्य स्वयं अपने लिए सांसों का आधार तैयार कर रहा हो।
जिलाधिकारी ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि वे अपने घरों में भी एक-एक पौधा लगाएं और उसकी देखभाल करें। उन्होंने कहा कि आज का लगाया गया छोटा पौधा आने वाले समय में हजारों लोगों को जीवनदायी ऑक्सीजन देगा।
बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और प्रकृति को बचाने की जिम्मेदारी निभाने का वादा किया।
धरती को हरा-भरा बनाने का सामूहिक संकल्प
इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार, उपजिलाधिकारी मड़िहान अनेग सिंह, तहसीलदार मड़िहान आशीष पाण्डेय सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम से पहले जिलाधिकारी आवास परिसर में भी मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी द्वारा पौधारोपण किया गया। पूरे दिन चले इस अभियान ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का महाअभियान है।
मां के सम्मान और प्रकृति के संरक्षण का अनूठा संगम
आज जब बढ़ते प्रदूषण, घटते जंगल और जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं, ऐसे समय में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान समाज को नई दिशा देने का काम कर रहा है। यह अभियान हर व्यक्ति को अपनी मां के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ धरती मां को भी सुरक्षित रखने की प्रेरणा देता है।
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