बाराबंकी में जिलाधिकारी ने की गेहूं की क्रॉप कटिंग की जांच, पारदर्शिता के दिए सख्त निर्देश
संवाददाता मसौली आदर्श रावत
बाराबंकी। जनपद बाराबंकी में गेहूं की क्रॉप कटिंग प्रक्रिया की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी स्वयं खेत में पहुंचे और मौके पर निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बाराबंकी के मसौली विकासखंड क्षेत्र के ग्राम लक्षबर बजहा में जिलाधिकारी ने अचानक पहुंचकर गेहूं की क्रॉप कटिंग की जांच की और पूरी प्रक्रिया को बारीकी से परखा। जिलाधिकारी ने कहा कि क्रॉप कटिंग के आंकड़े किसानों के हित से जुड़े होते हैं, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्रॉप कटिंग प्रक्रिया की जांच करने पहुंचे जिलाधिकारी
बाराबंकी में गेहूं की क्रॉप कटिंग की जांच के दौरान जिलाधिकारी ने खेत में चल रही क्रॉप कटिंग प्रक्रिया का निरीक्षण किया और अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। उन्होंने देखा कि क्रॉप कटिंग शासन द्वारा निर्धारित मानकों और नियमों के अनुसार की जा रही है या नहीं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि क्रॉप कटिंग का कार्य पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि गेहूं की क्रॉप कटिंग केवल एक सामान्य प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह किसानों की आय, फसल बीमा और सरकारी योजनाओं से सीधे जुड़ी होती है। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की गलती किसानों को नुकसान पहुंचा सकती है।
क्यों महत्वपूर्ण है गेहूं की क्रॉप कटिंग
जिलाधिकारी ने बताया कि गेहूं की क्रॉप कटिंग के माध्यम से ही फसल उत्पादन का सही आंकलन किया जाता है। यही आंकड़े आगे चलकर कई महत्वपूर्ण निर्णयों का आधार बनते हैं। उन्होंने बताया कि क्रॉप कटिंग के आंकड़ों के आधार पर ही किसानों के फसल बीमा दावों का निस्तारण किया जाता है। इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से जुड़े फैसले भी इन्हीं आंकड़ों के आधार पर लिए जाते हैं। सरकार की कृषि नीतियों का निर्धारण भी फसल उत्पादन के आंकड़ों पर निर्भर करता है। इसलिए गेहूं की क्रॉप कटिंग की प्रक्रिया का सही और पारदर्शी होना बहुत जरूरी है।
किसानों के हित में जरूरी है पारदर्शिता

जिलाधिकारी ने कहा कि यदि क्रॉप कटिंग के आंकड़े सही नहीं होंगे तो इसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा। इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी है कि क्रॉप कटिंग का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जाए। उन्होंने कहा कि पारदर्शी क्रॉप कटिंग से उत्पादन की सही तस्वीर सामने आती है। इससे यह भी पता चलता है कि किस क्षेत्र में फसल अच्छी हुई है और किस क्षेत्र में कम उत्पादन हुआ है। इसके आधार पर सरकार किसानों के लिए योजनाएं बनाती है।
पूरे जिले में अभियान चलाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद के सभी गांवों में क्रॉप कटिंग का कार्य तय मानकों के अनुसार कराया जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी क्रॉप कटिंग हो, वहां अधिकारी मौके पर मौजूद रहें और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि क्रॉप कटिंग के आंकड़े पूरी तरह सही और प्रमाणिक होने चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
MSP और फसल बीमा से जुड़ा है क्रॉप कटिंग का डेटा

जिलाधिकारी ने बताया कि गेहूं की क्रॉप कटिंग का डेटा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और फसल बीमा योजना से जुड़ा होता है। यदि उत्पादन कम होता है तो किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलता है। लेकिन इसके लिए सही आंकड़े होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार योजनाएं चला रही है और इन योजनाओं का लाभ किसानों तक सही तरीके से पहुंचे, इसके लिए सही डेटा होना बहुत जरूरी है।
अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान उप जिलाधिकारी नवाबगंज आनंद कुमार तिवारी, तहसीलदार नवाबगंज सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्रॉप कटिंग का कार्य पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ किया जाए।
किसानों को मिलेगा सही लाभ
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि क्रॉप कटिंग सही तरीके से होगी तो किसानों को फसल बीमा, MSP और अन्य सरकारी योजनाओं का सही लाभ मिल सकेगा। इसलिए सभी अधिकारी इस कार्य को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले।
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