Wednesday, September 16, 2026
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मीरजापुर में बुक सेलर बनकर महिला से ऑनलाइन ठगी, साइबर टीम ने वापस कराए ₹1.05 लाख

मीरजापुर।

मीरजापुर में ऑनलाइन ठगी की शिकायत पर पुलिस की साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता के खाते में ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा वापस करा दिया। कछवां थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला के साथ कथित तौर पर बुक सेलर बनकर ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई थी। शिकायत मिलने के बाद साइबर टीम ने संबंधित बैंक और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद ₹1,05,876 की धनराशि पीड़िता के खाते में वापस कराई गई।

पुलिस के अनुसार, यह मामला ऑनलाइन लेनदेन के दौरान होने वाली साइबर ठगी से जुड़ा है। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए ठगी की रकम को ट्रेस करने का प्रयास किया और संबंधित वित्तीय संस्थानों से संपर्क किया।

बुक सेलर बनकर किया गया संपर्क

पुलिस के मुताबिक, कछवां थाना क्षेत्र के पड़ेरी गांव निवासी उषा सिंह पत्नी संतोष कुमार सिंह ने 20 मई 2026 को ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने बुक सेलर बनकर उनसे संपर्क किया और ऑनलाइन माध्यम से कुल ₹1,17,876 की धोखाधड़ी कर ली।

ऑनलाइन ठगी का एहसास होने के बाद पीड़िता ने मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल यानी NCRP पर दर्ज किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शिकायत का ACK नंबर 33105260111803 दर्ज किया गया था।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस की साइबर टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

साइबर टीम ने शुरू की जांच

मामले की सूचना मिलने के बाद थाना कोतवाली देहात साइबर सेल और संबंधित पुलिस टीम ने जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में साइबर ठगी की रकम को वापस कराने के लिए कार्रवाई की गई।

अपर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में थाना कछवां की साइबर सेल ने मामले में तत्काल संज्ञान लिया। टीम ने ठगी से जुड़े ऑनलाइन लेनदेन और बैंकिंग गतिविधियों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।

साइबर अपराध के मामलों में समय पर शिकायत मिलने के बाद संबंधित बैंक और वित्तीय संस्थानों से संपर्क करना महत्वपूर्ण होता है। इसी दिशा में पुलिस टीम ने भी संबंधित बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित किया।

बैंक और वित्तीय संस्थानों से किया गया समन्वय

पुलिस की साइबर टीम ने मामले की जांच के दौरान संबंधित बैंक और वित्तीय संस्थानों से संपर्क किया। तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से ठगी की धनराशि से जुड़े लेनदेन की जानकारी जुटाई गई।

इसके साथ ही रकम को वापस कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य ठगी की धनराशि को आगे ट्रांसफर होने से रोकना और उपलब्ध कानूनी एवं बैंकिंग प्रक्रिया के माध्यम से पीड़िता की रकम वापस कराना था।

साइबर टीम की कार्रवाई के परिणामस्वरूप ₹1,05,876 की धनराशि सफलतापूर्वक पीड़िता उषा सिंह के खाते में वापस करा दी गई।

वापस मिली ठगी की बड़ी रकम

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता के साथ कुल ₹1,17,876 की ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई थी। कार्रवाई के बाद इसमें से ₹1,05,876 की धनराशि पीड़िता के खाते में वापस कराई गई।

इस कार्रवाई से पीड़िता को आर्थिक राहत मिली है। पुलिस की ओर से साइबर अपराध से जुड़े मामलों में लोगों को समय पर शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जाता है, क्योंकि शुरुआती स्तर पर सूचना मिलने से बैंकिंग लेनदेन पर कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।

मीरजापुर पुलिस की साइबर टीम द्वारा की गई कार्रवाई को ऑनलाइन ठगी के मामलों में तकनीकी जांच और बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय का उदाहरण माना जा सकता है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में की गई। अपर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में थाना कछवां की साइबर सेल ने मामले में कार्रवाई की।

साइबर टीम ने शिकायत प्राप्त होने के बाद तकनीकी विश्लेषण किया और संबंधित वित्तीय संस्थानों से आवश्यक समन्वय स्थापित किया। इसके बाद ठगी की रकम में से ₹1,05,876 वापस कराने में सफलता मिली।

पुलिस की ओर से साइबर अपराधों की शिकायतों पर तकनीकी स्तर से जांच और आवश्यक विधिक कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।

ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सतर्कता जरूरी

ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े मामलों में लोगों को अनजान व्यक्तियों से सावधान रहने की जरूरत है। साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों से संपर्क कर उन्हें किसी वस्तु की बिक्री, खरीद, भुगतान या अन्य ऑनलाइन गतिविधि के नाम पर विश्वास में लेने की कोशिश कर सकते हैं।

किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन, कार्ड की जानकारी या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करना नुकसानदायक हो सकता है। किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन की स्थिति में तत्काल अपने बैंक को सूचना देना और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण है।

मीरजापुर के इस मामले में भी शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने बैंकिंग संस्थानों और तकनीकी माध्यमों की मदद से कार्रवाई की। समय पर की गई कार्रवाई के चलते ₹1,05,876 की धनराशि पीड़िता के खाते में वापस कराई जा सकी।

पुलिस ने मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया जारी रखी है। इस कार्रवाई के बाद साइबर सेल ने लोगों से ऑनलाइन लेनदेन करते समय सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस या संबंधित बैंक को देने की अपील की है।

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