थाना कोतवाली देहात में आयोजित हुआ थाना समाधान दिवस
मिर्जापुर के थाना कोतवाली देहात परिसर में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विन्ध्याचल मंडल के मंडलायुक्त श्री राजेश प्रकाश तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) विन्ध्याचल परिक्षेत्र पूनम ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतों के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि सभी मामलों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिकायतों के वास्तविक निस्तारण पर दिया गया जोर
मंडलायुक्त श्री राजेश प्रकाश ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। प्रत्येक मामले में यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले। उन्होंने कहा कि जनता प्रशासन के पास न्याय और समाधान की उम्मीद लेकर आती है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करे।
डीआईजी पूनम ने भी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाए। उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान होने से जनता का पुलिस और प्रशासन पर विश्वास मजबूत होता है।
भूमि विवादों में संयुक्त टीम करेगी कार्रवाई
थाना समाधान दिवस के दौरान भूमि विवाद, चकरोड, सीमांकन, अवैध कब्जा तथा अन्य राजस्व संबंधी मामलों पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर जांच करे और निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में विवाद केवल कागजी प्रक्रिया के कारण लंबे समय तक लंबित रहते हैं। इसलिए संयुक्त निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति के आधार पर निर्णय लिया जाए, जिससे विवादों का स्थायी समाधान संभव हो सके।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश
अधिकारियों ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और संबंधित अधिकारी नियमित रूप से उसकी प्रगति की समीक्षा करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले में अतिरिक्त जांच की आवश्यकता हो तो भी शिकायतकर्ता को समय-समय पर उसकी जानकारी दी जाए, ताकि प्रशासनिक प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
असामाजिक तत्वों पर रहेगी कड़ी नजर
थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। अधिकारियों ने कहा कि अपराध की रोकथाम और शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
जनता को मिला भरोसा
कार्यक्रम के दौरान आए फरियादियों ने अपनी विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही कई मामलों में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि सभी शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि थाना समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान कर लोगों को राहत प्रदान करना है। इसके माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने का भी प्रयास किया जा रहा है।
शासन की प्राथमिकता है जन शिकायतों का समाधान
मंडलायुक्त और डीआईजी ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार की मंशा है कि आम नागरिकों को न्याय और प्रशासनिक सेवाएं समय पर मिलें। इसके लिए सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि भविष्य में भी थाना समाधान दिवस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
निष्कर्ष
थाना कोतवाली देहात में आयोजित थाना समाधान दिवस के दौरान मंडलायुक्त श्री राजेश प्रकाश और डीआईजी पूनम ने जन समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। विशेष रूप से भूमि विवाद और राजस्व मामलों में पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई पर जोर दिया गया। साथ ही कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन का कहना है कि ऐसे प्रयासों से आम नागरिकों को त्वरित राहत मिलने के साथ-साथ शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।
![]()



