मीरजापुर। जिले में आयुष चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने और आम लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को जिला पंचायत सभागार में जिला आयुष समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने की। इस दौरान राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं और विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
50 बेड के एकीकृत आयुष चिकित्सालय की समीक्षा
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन 50 बेड के एकीकृत आयुष चिकित्सालय की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने परियोजना से जुड़े कार्यों की वर्तमान स्थिति, निर्माण की गति और निर्धारित समय सीमा के बारे में जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
नवीन आयुष चिकित्सालय भवनों को लेकर दिए निर्देश
बैठक में जिले में निर्माणाधीन और प्रस्तावित नवीन आयुष चिकित्सालय भवनों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल भवनों का निर्माण समय से पूरा होने के साथ वहां मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन परियोजनाओं पर काम चल रहा है, उनकी नियमित समीक्षा की जाए। यदि किसी परियोजना में तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर कोई समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान कराया जाए, ताकि योजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित न रखना पड़े।
चिकित्सकों की उपस्थिति पर विशेष जोर
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने आयुष चिकित्सालयों में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सक की उपलब्धता को लेकर परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली पर लगातार निगरानी रखने को कहा। अस्पतालों में चिकित्सकों और संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारियों की उपस्थिति से मरीजों को समय पर परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता जरूरी
बैठक के दौरान आयुष चिकित्सालयों में उपलब्ध दवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अस्पतालों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक हमेशा उपलब्ध रहे।
उन्होंने कहा कि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को दवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। इसके लिए दवाओं के स्टॉक की नियमित निगरानी की जाए और आवश्यकता के अनुसार समय रहते उनकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आम लोगों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत संचालित योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जाए, ताकि लोग उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जरूरत के अनुसार लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी स्वास्थ्य योजना की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उसका लाभ वास्तविक रूप से लोगों तक पहुंचे। इसके लिए विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय और योजनाओं की नियमित समीक्षा आवश्यक है।
स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयुष चिकित्सालयों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों से लेकर अस्पताल संचालन तक प्रत्येक स्तर पर गुणवत्ता का ध्यान रखा जाना चाहिए।
मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद आवश्यक सुविधाएं समय पर मिलें, इसके लिए व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया। अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता, दवाओं का पर्याप्त स्टॉक और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।
योजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा कराने के साथ उसकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर आने वाली समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय उसका समाधान समय रहते किया जाए। विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय से परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।
आयुष सेवाओं को प्रभावी बनाने की दिशा में प्रयास
जिले में आयुष चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चल रही परियोजनाओं को लेकर प्रशासन की ओर से लगातार समीक्षा की जा रही है। 50 बेड के एकीकृत आयुष चिकित्सालय के साथ-साथ नवीन आयुष चिकित्सालय भवनों से भविष्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।
बैठक में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर वातावरण और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। साथ ही आयुष योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक पात्र लोगों को इनका लाभ दिलाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएं।
जिला आयुष समिति की बैठक में हुई समीक्षा के दौरान प्रशासन ने समयबद्धता, गुणवत्ता और मरीजों की सुविधा को प्रमुख प्राथमिकता के रूप में सामने रखा। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने और योजनाओं को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
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