कटनी रेलवे ट्रैक पर मिला बाराबंकी के युवक का शव, हत्या की आशंका, गांव में पसरा मातम
मसौली संवाददाता आदर्श रावत
बाराबंकी। बाराबंकी जनपद के मसौली थाना क्षेत्र के राजापुर गांव निवासी 31 वर्षीय अरुण कुमार का शव मध्य प्रदेश के कटनी में रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों ने इस घटना को हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस घटना से मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
कटनी रेलवे ट्रैक पर मिला शव
जानकारी के अनुसार, राजापुर गांव निवासी अरुण कुमार पूर्व प्रधान जगदीश यादव के पुत्र थे और पिछले एक वर्ष से मध्य प्रदेश के कटनी में एक रेलवे ठेकेदार के साथ काम कर रहे थे। 31 मार्च को अरुण कुमार चित्रकूट एक्सप्रेस से अपने घर बाराबंकी लौटने के लिए निकले थे। उसी रात करीब 10 बजे उन्होंने अपने परिजनों से आखिरी बार फोन पर बात की थी। परिजनों के अनुसार, फोन पर बातचीत के दौरान अरुण काफी घबराए हुए थे। उन्होंने बताया था कि किसी ने उनका वीडियो बना लिया है और उनकी जान को खतरा है। इसके बाद अचानक उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। अगले दिन सूचना मिली कि उनका शव कटनी रेलवे ट्रैक पर मिला है।
हत्या की आशंका जता रहे परिजन
कटनी रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि अरुण की मौत सामान्य हादसा नहीं हो सकती। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि अरुण ने फोन पर खुद बताया था कि उनकी जान को खतरा है, ऐसे में इस घटना को हादसा मानना सही नहीं होगा। परिजन इस मामले की गहराई से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
गांव में पसरा मातम
अरुण कुमार की मौत की खबर जैसे ही राजापुर गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोगों का कहना है कि अरुण बेहद मिलनसार और सरल स्वभाव के युवक थे। वह सभी से प्रेम और सम्मान से बात करते थे, इसलिए गांव में हर व्यक्ति उन्हें पसंद करता था।
गांव में हर जुबान पर अरुण की अच्छाई की चर्चा हो रही है। लोग उनकी मददगार प्रवृत्ति और अच्छे व्यवहार को याद कर भावुक हो रहे हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अरुण अपने पीछे पत्नी, दो मासूम बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गए हैं। बड़े बेटे प्रिंस की उम्र करीब 9 वर्ष और छोटे बेटे अंशु की उम्र करीब 4 वर्ष बताई जा रही है। दोनों बच्चों को अभी यह भी नहीं पता कि उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है और वह बार-बार अपने पति का नाम लेकर बेहोश हो जा रही है। परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में हैं।
मां का दर्द सुन पसीज गए लोग
मृतक की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेहोश हो जा रही हैं और अपने बेटे को याद कर बिलख रही हैं। उनका कहना है—
“हमार बेटवा हमका छोड़ के काहे चला गवा… अब हम का जीब… हमार सहारा छिन गवा…”
उनकी यह हालत देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
भाई और बहन का दर्द
अरुण के छोटे भाई ललित का भी रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि उनके भाई ने हमेशा परिवार का सहारा बनकर जिम्मेदारी निभाई, लेकिन आज वही उन्हें छोड़कर चले गए। वहीं, बहन अपने भाई को याद कर रो रही थी और बार-बार कह रही थी कि अभी उसकी शादी भी नहीं हुई और भाई उसे छोड़कर चला गया। यह दृश्य देखकर गांव के लोग भी भावुक हो गए।
जांच की मांग
परिजन शव लेने के लिए कटनी रवाना हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि यह हत्या है तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
निष्कर्ष
कटनी रेलवे ट्रैक पर बाराबंकी के युवक का शव मिलने की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक परिवार का सहारा छिन गया और दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। अब सभी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच का इंतजार है, जिससे इस घटना की सच्चाई सामने आ सके।
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