मिर्जापुर में बिजली कटौती से नाराज राम भक्तों का हंगामा, घंटाघर चौराहे पर लगाया जाम
मिर्जापुर में बिजली कटौती के कारण राम नवमी के पावन अवसर पर शहर में भारी हंगामा देखने को मिला। शोभायात्रा के दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से नाराज राम भक्तों ने घंटाघर चौराहे पर चक्का जाम कर दिया और बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। जाम लगने से शहर के मुख्य मार्गों पर लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।
राम नवमी शोभायात्रा के दौरान हुई बिजली कटौती
राम नवमी के अवसर पर मिर्जापुर के घंटाघर और वासलीगंज क्षेत्र में भव्य शोभायात्रा निकाली जा रही थी। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, बच्चे और विभिन्न धार्मिक संगठन शामिल थे। शोभायात्रा के मार्ग पर आकर्षक लाइटिंग और सजावट की व्यवस्था की गई थी। लेकिन जैसे ही शोभायात्रा मुख्य मार्ग पर पहुंची, अचानक बिजली गुल हो गई। मिर्जापुर में बिजली कटौती होने से पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया और शोभायात्रा की व्यवस्था प्रभावित हो गई। इससे श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी फैल गई।
नाराज राम भक्तों ने घंटाघर चौराहे पर लगाया जाम
मिर्जापुर में बिजली कटौती से नाराज राम भक्तों ने घंटाघर चौराहे पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने “बिजली विभाग मुर्दाबाद”, “प्रशासन होश में आओ” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि राम नवमी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन को लेकर पहले ही प्रशासन और बिजली विभाग को ज्ञापन देकर बिजली व्यवस्था सुचारू रखने की मांग की गई थी।
हर साल होती है बिजली कटौती – प्रदर्शनकारियों का आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मिर्जापुर में बिजली कटौती की समस्या हर साल सामने आती है। जब भी कोई बड़ा धार्मिक कार्यक्रम होता है, उसी समय बिजली कटौती कर दी जाती है। लोगों का कहना था कि प्रशासन हर बार आश्वासन देता है, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं होता। इस बार भी प्रशासन को पहले से सूचना दी गई थी, इसके बावजूद बिजली कटौती कर दी गई, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि धार्मिक आयोजनों के दौरान बिजली, पानी और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि पहले से सूचना देने के बाद भी बिजली कटौती होती है, तो यह प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घंटाघर चौराहे पर जाम लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और बिजली आपूर्ति जल्द बहाल कराने का आश्वासन दिया। काफी देर तक समझाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और जाम समाप्त किया गया। इसके बाद यातायात व्यवस्था फिर से सामान्य हो सकी। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि समस्या का समाधान कराया जा रहा है। प्रशासन ने कहा कि बिजली विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया गया है और जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
सैकड़ों लोग प्रदर्शन में शामिल
इस प्रदर्शन में मनोज श्रीवास्तव और राम चंदर शुक्ला के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में मिर्जापुर में बिजली कटौती की समस्या इसी तरह बनी रही, तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। लोगों ने कहा कि प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
व्यापारियों और आम जनता को भी हुई परेशानी
मिर्जापुर में बिजली कटौती के कारण व्यापारियों और आम जनता को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम लगने से कई लोग घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। दुकानदारों का कहना था कि बिजली कटौती के कारण उनका व्यापार भी प्रभावित होता है। त्योहारों के समय बिजली कटौती होने से सबसे ज्यादा नुकसान व्यापारियों को होता है। स्थानीय लोगों का कहना था कि शहर में बिजली कटौती की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। खासकर त्योहारों और गर्मियों के समय बिजली कटौती ज्यादा होती है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है।
प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बिजली कटौती तकनीकी कारणों से हुई थी। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में धार्मिक आयोजनों के दौरान बिजली व्यवस्था सुचारू रखने के लिए विशेष योजना बनाई जाएगी। प्रशासन ने यह भी कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शहर में चर्चा का विषय बनी घटना
राम नवमी के दिन मिर्जापुर में बिजली कटौती और उसके बाद हुए हंगामे की घटना पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग प्रशासन से बेहतर व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। राम नवमी हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है और इस दिन शहर में कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। ऐसे में बिजली कटौती होना प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को धार्मिक आयोजनों के दौरान विशेष व्यवस्था करनी चाहिए।
निष्कर्ष
मिर्जापुर में बिजली कटौती की समस्या को लेकर लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली। हालांकि पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन इस घटना ने बिजली विभाग और प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस समस्या को लेकर कितना गंभीर होता है और क्या भविष्य में इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाता है या नहीं।
बिजली कटौती की शिकायत उपभोक्ता https://consumer.uppcl.org/ पर दर्ज करा सकते हैं।
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