Wednesday, September 16, 2026
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मिर्जापुर के लोकगायक विद्यासागर प्रेमी को मिला राष्ट्रीय सम्मान, जिले का बढ़ाया मान

रिपोर्ट: मिर्जापुर

मिर्जापुर। जनपद मिर्जापुर की सांस्कृतिक और लोकसंगीत परंपरा के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब प्रसिद्ध लोकगायक एवं आकाशवाणी-दूरदर्शन कलाकार विद्यासागर प्रेमी को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। वाराणसी में 1 जून 2026 को आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें लोकगीत और संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए “चंद्रा साहित्य लोकगीत संगीत सम्मान” से अलंकृत किया गया।

वाराणसी में हुआ सम्मान समारोह

राष्ट्रीय साहित्य एवं सांस्कृतिक ट्रस्ट भारत द्वारा आयोजित समारोह में देश की कई प्रतिष्ठित साहित्यिक और सांस्कृतिक हस्तियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान लोकगायक विद्यासागर प्रेमी को स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

यह सम्मान उन्हें लोकगीत और लोकसंस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

विशिष्ट अतिथियों ने किया सम्मानित

सम्मान समारोह में ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष Ramnaresh Naresh Kavi सहित आकाशवाणी वाराणसी के अधिकारियों और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने विद्यासागर प्रेमी को सम्मानित किया।

कार्यक्रम में मौजूद साहित्यकारों, कलाकारों और सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोगों ने उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

लोकसंगीत के क्षेत्र में विशेष पहचान

विद्यासागर प्रेमी लंबे समय से लोकगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय लोक परंपराओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। वे आकाशवाणी और दूरदर्शन से जुड़े एक प्रतिष्ठित कलाकार हैं तथा अपनी गायकी के माध्यम से पूर्वांचल की लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।

उनके गीतों और प्रस्तुतियों को श्रोताओं द्वारा काफी पसंद किया जाता है।

सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका

लोकगायक होने के साथ-साथ विद्यासागर प्रेमी सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। वर्तमान में वे Vishwa Hindu Mahasangh के मिर्जापुर जिला अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर रहे हैं।

सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके योगदान को भी सराहा जाता है।

सम्मान मिलने पर जताया आभार

सम्मान प्राप्त करने के बाद विद्यासागर प्रेमी ने आयोजकों, अतिथियों, श्रोताओं और अपने शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि मिर्जापुर की समृद्ध लोकसंस्कृति और उन सभी कलाकारों का सम्मान है जो लोककला को जीवित रखने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने भविष्य में भी लोकगीत और लोकसंस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहने का संकल्प व्यक्त किया।

मिर्जापुर में खुशी का माहौल

विद्यासागर प्रेमी को राष्ट्रीय सम्मान मिलने की खबर से मिर्जापुर के सांस्कृतिक और साहित्यिक जगत में खुशी की लहर है। जिले के कलाकारों, साहित्यकारों और उनके समर्थकों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।

निष्कर्ष

वाराणसी में आयोजित समारोह में लोकगायक विद्यासागर प्रेमी को “चंद्रा साहित्य लोकगीत संगीत सम्मान” से सम्मानित किया जाना मिर्जापुर के लिए गर्व की बात है। यह सम्मान उनकी वर्षों की साधना, लोकसंगीत के प्रति समर्पण और सांस्कृतिक योगदान का प्रमाण है। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के युवा कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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