रिपोर्ट: ब्यूरो रिपोर्ट, मिर्जापुर
मामले में सामने आया दूसरा पक्ष
मिर्जापुर के पड़री थाना क्षेत्र में एक मजदूर के बैंक खाते से कथित ₹41 करोड़ के लेनदेन और ₹7 करोड़ की GST नोटिस से जुड़े मामले में अब नया मोड़ आ गया है। पहले जहां पीड़ित ने अपने साले पर धोखे से बैंक खाता खुलवाकर लेनदेन कराने का आरोप लगाया था, वहीं अब साले ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए अपना पक्ष सामने रखा है।
पहले क्या था आरोप?
13 जुलाई को लोकापुर निवासी श्याम बाबू बिंद ने आरोप लगाया था कि उसका साला उसे नौकरी दिलाने के बहाने दिल्ली ले गया और एक निजी बैंक में उसके नाम से खाता खुलवाया। शिकायत के अनुसार, उसी खाते से कथित तौर पर ₹41 करोड़ का लेनदेन हुआ, जिसके बाद उसे GST विभाग से लगभग ₹7 करोड़ के कर से संबंधित नोटिस प्राप्त हुई।
इन आरोपों की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी है।
साले ने आरोपों को बताया झूठा
अब आरोपी बनाए गए साले श्याम बाबू, निवासी पुतरिहा, ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर कहा है कि उसके जीजा द्वारा लगाए गए आरोप झूठे हैं।
उसका दावा है कि उसने एक बिस्वा जमीन बेचकर करीब ₹5 लाख अपने जीजा को उधार दिए थे। अब जब वह अपना पैसा वापस मांग रहा है, तो उसे फंसाने के उद्देश्य से झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
साले ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसका कहना है कि बैंक खाते और कथित लेनदेन से जुड़े सभी तथ्यों की जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी।
पुलिस जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बैंक खाता किन परिस्थितियों में खोला गया, लेनदेन किसने किया और GST नोटिस से जुड़े तथ्य क्या हैं।
निष्कर्ष
मिर्जापुर के चर्चित ₹41 करोड़ के कथित बैंक लेनदेन मामले में अब दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। जहां एक ओर मजदूर ने अपने साले पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है, वहीं साले ने इसे उधार के पैसे के विवाद से जुड़ा झूठा आरोप बताया है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस और संबंधित विभागों की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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