Wednesday, November 4, 2026
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मीरजापुर में बाढ़ राहत को लेकर तैयारी तेज, एसडीआरएफ और पीएसी ने किया मॉक ड्रिल

रिपोर्ट: मनीष पाण्डेय

मीरजापुर

संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मीरजापुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के निर्देशन और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार सिंह के मार्गदर्शन में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए एसडीआरएफ और पीएसी की तैनाती की गई है। इसके साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन करने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन भी किया गया।

संवेदनशील तहसीलों में तैनात की गई राहत टीमें

प्रशासन के अनुसार, जनपद की बाढ़ प्रभावित तहसीलों सदर और चुनार में क्रमशः एसडीआरएफ और पीएसी की तैनाती की गई है। विगत वर्षों के बाढ़ रिकॉर्ड के आधार पर जिले के 404 गांवों को बाढ़ के प्रति संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित किया गया है।

इनमें सदर तहसील के 220 गांव और चुनार तहसील के 184 गांव शामिल हैं।

बालू घाट पर हुआ मॉक ड्रिल

तहसील चुनार में तैनात पीएसी ने तहसील प्रशासन और उपजिलाधिकारी अनेग सिंह की मौजूदगी में बालू घाट पर राहत एवं बचाव कार्यों का मॉक ड्रिल किया।

मॉक ड्रिल के दौरान जवानों ने उपलब्ध संसाधनों का परीक्षण किया और बाढ़ जैसी आपदा के समय लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए विभिन्न रेस्क्यू तकनीकों का अभ्यास किया।

आपदा मित्रों ने भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

मॉक ड्रिल में जनपद के आपदा मित्रों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने राहत एवं बचाव अभ्यास के दौरान पीएसी और प्रशासन का सहयोग करते हुए मॉक एक्सरसाइज को सफल बनाने में योगदान दिया।

प्रशासन का मानना है कि ऐसे अभ्यास वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में मददगार साबित होते हैं।

बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क

जिला प्रशासन ने बताया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। राहत सामग्री, बचाव उपकरण, नावों और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।

जनता से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे मौसम और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना दें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

निष्कर्ष

मीरजापुर जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए समय रहते तैयारियां शुरू कर दी हैं। एसडीआरएफ और पीएसी की तैनाती के साथ मॉक ड्रिल आयोजित कर राहत एवं बचाव व्यवस्था का परीक्षण किया गया। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करना है।

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