सदरपुर अग्निकांड: 15 घर जलकर खाक, तीन की दर्दनाक मौत, जनप्रतिनिधियों ने बांटी राहत सामग्री
भीषण आग से मचा हड़कंप
सीतापुर विकाश चंद्र कस्यप
महमूदाबाद (सीतापुर)। सदरपुर अग्निकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। थाना सदरपुर क्षेत्र के चलाकापुर सरैया गांव में रविवार को भीषण आग लगने से करीब 15 घर जलकर पूरी तरह खाक हो गए, जबकि इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सदरपुर अग्निकांड के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
आंधी-तूफान के बीच लगी आग
ग्रामीणों के अनुसार, रविवार को तेज आंधी-तूफान चल रहा था। इसी दौरान अचानक एक घर में आग लग गई। तेज हवा के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और आसपास के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और एक-एक करके करीब 15 घर जलकर राख हो गए। सदरपुर अग्निकांड में घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, नकदी और जरूरी सामान सब कुछ जल गया।
तीन लोगों की दर्दनाक मौत
सदरपुर अग्निकांड की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बहुत बड़ा नुकसान हो चुका था। इस भीषण अग्निकांड में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
जनप्रतिनिधि पहुंचे, बांटी राहत सामग्री
सदरपुर अग्निकांड की खबर मिलते ही महमूदाबाद विधायक आशा मौर्य मौके पर पहुंचीं और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। उनके साथ पूर्व चेयरमैन अतुल वर्मा, भाजपा नेता अंकुश राज विश्वकर्मा, सपा नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा, उत्कर्ष वर्मा, भाजपा नेता मोहन प्रसाद बारी, रामाधार, शीला गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी मौके पर मौजूद रहे। पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा ने सदरपुर अग्निकांड के पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करते हुए राशन, कपड़े, बर्तन और अन्य जरूरी सामान वितरित कराया। जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन
सदरपुर अग्निकांड के बाद प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जिन परिवारों के घर जले हैं, उन्हें सरकारी सहायता और मुआवजा दिलाया जाएगा। वहीं जिन लोगों की इस हादसे में मौत हुई है, उनके परिजनों को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी।
खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर परिवार
सदरपुर अग्निकांड के बाद गांव में दहशत और शोक का माहौल है। जिन परिवारों के घर जल गए हैं, वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। उनके पास खाने और पहनने तक का सामान नहीं बचा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जाए।
ग्रामीणों ने उठाई दमकल व्यवस्था की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते दमकल की गाड़ी पहुंच जाती तो शायद इतना बड़ा नुकसान नहीं होता। हालांकि प्रशासन का कहना है कि सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। सदरपुर अग्निकांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि गांवों में आग लगने की घटनाएं कितनी भयावह हो सकती हैं।
भविष्य में रोकथाम की जरूरत
सदरपुर अग्निकांड जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निशमन की बेहतर व्यवस्था, जागरूकता और सुरक्षा उपायों की जरूरत है। प्रशासन ने कहा है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी और नुकसान का पूरा आकलन कर मुआवजा दिया जाएगा।
बाराबंकी में टावर पर चढ़ा युवक, लड़की को बुलाने की जिद पर अड़ा
![]()



