रिपोर्ट: मड़िहान, मिर्जापुर
मड़िहान। करीब दो दशक से क्षेत्रवासियों के आवागमन और स्थानीय उद्योगों की गतिविधियों का प्रमुख आधार रहा मार्ग अचानक बंद किए जाने से क्षेत्र में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ भूमाफियाओं द्वारा रास्ते पर मिट्टी और पत्थर डालकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया गया है, जिससे न केवल लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है बल्कि क्रेशर उद्योग भी लगभग ठप हो गया है।
वर्षों से उपयोग में था मार्ग
स्थानीय लोगों के अनुसार यह मार्ग सरकारी धन से निर्मित किया गया था और पिछले लगभग बीस वर्षों से क्षेत्र के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग के रूप में उपयोग किया जा रहा था। इसी रास्ते से ग्रामीणों के साथ-साथ क्रेशर उद्योग से जुड़े वाहन और मजदूर भी प्रतिदिन आवागमन करते थे।
अचानक मार्ग बंद हो जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के रास्ता बंद कर दिया गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है।
क्रेशर उद्योग पर पड़ा सीधा असर
रास्ता बंद होने का सबसे अधिक प्रभाव क्षेत्र में संचालित क्रेशर उद्योग पर पड़ा है। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री ढोने वाले दर्जनों मालवाहक वाहन खड़े हो गए हैं। वाहन संचालकों का कहना है कि काम बंद होने से आर्थिक संकट गहराने लगा है।
वाहन मालिकों को बैंक ऋण की किस्तें, बीमा प्रीमियम, वाहन रखरखाव और अन्य खर्चों की चिंता सता रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट
क्रेशर उद्योग ठप होने से सबसे ज्यादा असर दैनिक मजदूरी करने वाले श्रमिकों पर पड़ा है। कई मजदूरों का कहना है कि काम बंद होने के कारण उनकी आय का स्रोत रुक गया है और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के सैकड़ों परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस उद्योग पर निर्भर हैं। काम बंद होने से कई घरों में आर्थिक संकट गहराने लगा है और लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है।
बच्चों की पढ़ाई पर भी असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होने का असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ रहा है। कई परिवारों को स्कूल फीस, किताबों और अन्य शैक्षिक खर्चों की चिंता सताने लगी है।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो इसका सामाजिक और आर्थिक प्रभाव व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकता है।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों और प्रभावित लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह मार्ग केवल एक सड़क नहीं बल्कि क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों की आजीविका का आधार है।
लोगों ने मांग की है कि मार्ग को जल्द से जल्द खुलवाया जाए और यदि किसी ने अवैध रूप से रास्ता बाधित किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
क्षेत्र में बढ़ रहा आक्रोश
मार्ग बंद होने के बाद क्षेत्र में असंतोष और आक्रोश का माहौल है। प्रभावित लोगों का कहना है कि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है।
निष्कर्ष
मड़िहान क्षेत्र में वर्षों पुराने मार्ग के बंद होने से जहां लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है, वहीं क्रेशर उद्योग और उससे जुड़े सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर भी संकट गहरा गया है। वाहन मालिक, मजदूर और स्थानीय नागरिक प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और समस्या के समाधान पर टिकी हुई हैं।
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