ABN NEWS 247/मोहम्मद फैसल सिद्दीकी/बाराबंकी। लेखा कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ शिक्षकों का संयुक्त धरना-प्रदर्शन चयन वेतनमान निर्धारण,अवशेष वेतन,लेखापर्ची में देरी एवं अनियमितताओं के विरोध में 06 मई 2026 को जनपद बाराबंकी में शिक्षकों के संयुक्त संगठनों उ.प्र. जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ,यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ एवं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। संगठनों का आरोप है कि वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय द्वारा चयन वेतनमान से संबंधित स्वीकृत आदेशों के बावजूद निर्धारण आदेश जारी नहीं किए जा रहे हैं, जिससे शिक्षकों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धरना-प्रदर्शन के माध्यम से शिक्षक चयन वेतन,अवशेष वेतन तथा लेखा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठा रहे हैं। संगठनों के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उ.प्र. जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र वर्मा ने तल्ख तेवर अपनाते हुए कहा कि लेखा कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ राकेश सिंह ने कहा कि शिक्षकों के वैध देयकों में लगातार हो रही देरी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर समस्याओं का समाधान करना चाहिए।राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन पूरी मजबूती से संघर्ष करेगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष पवन वर्मा ने कहा कि यदि जल्द ही चयन वेतनमान निर्धारण एवं अवशेष वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। यूटा के जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार ने वार्ता में बताया कि शिक्षकों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। जो अब बर्दाश्त के बाहर है। सभी शिक्षक एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे।इस अवसर पर जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री अरुणेंद्र कुमार वर्मा मुन्ना ने कहा कि यह आंदोलन केवल वेतन संबंधी मांगों तक सीमित नहीं है। बल्कि यह शिक्षकों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। यदि प्रशासन ने शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में अटेवा के जिलाध्यक्ष अमित वर्मा,विशिष्ट बीटीसी के आनंद पांडेय,संतोष वर्मा, देवेंद्र सिंह,सत्येंद्र भास्कर,उमा नाथ मिश्रा,डॉ. हरे राम पटेल, डॉ. देवेंद्र कुमार द्विवेदी,पूर्णेश प्रताप सिंह, संतोष कुमार शुक्ला,दिलीप तिवारी,सुरेंद्र कुमार,रामपाल,मनीष बैसवार,अनूप अवस्थी,ओमकार वर्मा,आलोक शुक्ला,जय कुमार, राघवेंद्र सुमन,विकास वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने एक स्वर में अपनी मांगों को दोहराते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा।
रिपोर्ट मोहम्मद फैसल सिद्दीकी बाराबंकी
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