Friday, May 29, 2026
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दो साल बाद भी नहीं हटा अवैध कब्जा, तहसीलदार के आदेश की अनदेखी

  • ABN NEWS 247/मोहम्मद फैसल सिद्दीकी/ फतेहपुर बाराबंकी। तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा कर बना लिया मकान,दो साल से तहसीलदार के आदेश की उड़ रही धज्जियां सरकारी तालाब की जमीन से अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी हुए दो साल बीत गए। लेकिन आज तक जमीन खाली नहीं कराई जा सकी। न्यायालय के आदेश का पालन न होने से राजस्व प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। गंतव्य हो कि फतेहपुर तहसील क्षेत्र के नन्दरासी गांव में सरकारी तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा कर पक्का मकान बना लिया गया। लेकिन तहसीलदार न्यायिक कोर्ट से बेदखली का आदेश जारी हुए दो साल बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। न्यायालय के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए आरोपी आज भी तालाब की जमीन पर काबिज है। क्या था 2024 का आदेश 24 जनवरी 2024 को न्यायिक तहसीलदार नरसिंह नारायण वर्मा की कोर्ट ने ग्राम नन्दरासी के गाटा संख्या 49 में दर्ज तालाब की 0.014 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में अंतिम आदेश दिया था। राजकुमार पुत्र शिवबरन लाल पर 14,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था और क्षेत्रीय लेखपाल को 15 दिन में बेदखली कर आरसी प्रपत्र 67क व 67ख दाखिल करने के निर्देश दिए गए थे।जमीन पर आज भी कब्जा बरकरार आदेश के दो साल बाद भी मौके पर स्थिति जस की तस है। राजकुमार का कब्जा तालाब की जमीन से नहीं हटा है। न तो 14,000 रुपये की क्षतिपूर्ति वसूली हुई और न ही आरसी प्रपत्र कोर्ट में दाखिल किए गए। गांव सभा बनाम राजकुमार वाद संख्या 3323/2021 की पत्रावली अभी तक दाखिल दफ्तर नहीं हो सकी है। कौन जिम्मेदार आदेश में स्पष्ट था कि बेदखली की जिम्मेदारी क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक और लेखपाल की है। 15 दिन की समय-सीमा बीतने के बाद भी कार्रवाई न होने से सवाल उठ रहे हैं। कि आखिर आदेश का पालन क्यों नहीं कराया गया। क्या कोई साठ गांठ चल रही है कब्ज़ाधारियों और सम्माधित जिम्मेदार कर्मचारियों व अधिकारियों की प्रशासन मौन तहसील के अधिकारियों से पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला विभागीय सूत्र बताते हैं कि राजनैतिक दबाव या मिलीभगत के चलते फाइल दबा दी गई आगे नहीं बढ़ाई गई। ग्रामीणों में नाराजगी स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब की जमीन पर कब्जे से जलभराव की समस्या बढ़ रही है। बरसात में पानी निकासी रुक जाती है। तालाब का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। कोर्ट से न्याय की उम्मीद थी लेकिन आदेश सिर्फ कागजों में रह गया। दो साल यू ही बीत गया कुछ नहीं बदला सका । क्या कहता है नियम उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के तहत तालाब चरागाह जैसी सार्वजनिक संपत्ति से बेदखली का आदेश 15 दिन में तामील होना चाहिए। पालन न करने पर संबंधित राजस्व कर्मियों की जिम्मेदारी तय करने का प्रावधान है।

रिपोर्ट मोहम्मद फैसल सिद्दीकी बाराबंकी

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