मंडलायुक्त ने फरियादियों की शिकायतों का लिया संज्ञान
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार मिर्जापुर जनपद के सभी थाना एवं कोतवाली में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसी क्रम में कोतवाली कटरा में आयोजित कार्यक्रम में विंध्याचल मंडल के मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता की समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर जोर
मंडलायुक्त ने कहा कि सरकार की मंशा है कि आम नागरिकों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
भूमि विवाद से जुड़े सबसे अधिक मामले
थाना समाधान दिवस के दौरान भूमि विवाद, कब्जा, चकमार्ग, नाली तथा पारिवारिक विवाद से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें अधिकांश मामले भूमि विवाद से जुड़े थे।
मंडलायुक्त ने कहा कि भूमि विवाद कई बार सामाजिक तनाव का कारण बनते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में पूरी निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
संयुक्त टीम को दिए मौके पर जांच के निर्देश
मंडलायुक्त ने राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम को निर्देश दिए कि वे विवादित स्थलों पर जाकर दोनों पक्षों की बात सुनें, अभिलेखों का मिलान करें और आवश्यक पैमाइश कराकर नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का तथ्यों के आधार पर समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
पुलिस अधिकारियों को दिए व्यवहार संबंधी निर्देश
मंडलायुक्त ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि थाने में आने वाले प्रत्येक फरियादी के साथ सम्मानजनक और शालीन व्यवहार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मामलों का स्थानीय स्तर पर समाधान संभव न हो, उन्हें नियमानुसार उच्च स्तर पर भेजा जाए ताकि शिकायतों का समय पर निस्तारण हो सके।
अधिकारी रहे मौजूद
थाना समाधान दिवस के दौरान संबंधित थाना प्रभारी, राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
निष्कर्ष
मिर्जापुर की कोतवाली कटरा में आयोजित थाना समाधान दिवस के दौरान मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने जनसमस्याओं की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश दिए। विशेष रूप से भूमि विवादों के मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर जांच करने तथा दोनों पक्षों को सुनकर नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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