विंध्य क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम, 48 करोड़ रुपये की पर्यटन परियोजनाओं पर मंथन
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश सरकार विंध्य क्षेत्र को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। इसी क्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गुरुवार को मीरजापुर मंडल में पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में लगभग 48 करोड़ रुपये की लागत वाली 18 पर्यटन विकास परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया स्वरूप
समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि विंध्याचल, चुनार और सोनभद्र सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास उनकी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हों, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
नव दुर्गा पार्क और लाइट एंड साउंड शो होंगे आकर्षण का केंद्र
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव मां विंध्यवासिनी त्रिकोण मार्ग के विकास से जुड़ा रहा। लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस परियोजना के तहत—
नव दुर्गा पार्क का निर्माण,
आधुनिक लाइट एंड साउंड शो,
टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर,
श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं,
पर्यटन अवसंरचना का विस्तार
जैसे कार्य किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य विंध्यवासिनी धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभव उपलब्ध कराना है।
मीरजापुर में 15 प्रमुख परियोजनाओं पर जोर
मीरजापुर मंडल के लिए प्रस्तावित 18 परियोजनाओं में 15 परियोजनाएं मीरजापुर, 2 भदोही और 1 सोनभद्र जनपद से संबंधित हैं।
मीरजापुर में जिन प्रमुख स्थलों के विकास की योजना बनाई गई है, उनमें—
प्राचीन भगवान शंकर मंदिर,
चुनार का शिव मंदिर,
शिवपुर स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर,
अन्य धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण,
पर्यटक सुविधाओं का विस्तार
शामिल है।
भदोही और सोनभद्र को भी मिलेगा पर्यटन विकास का लाभ
भदोही जिले में दशहरा मेला स्थल और सीता धाम के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास की योजना पर चर्चा हुई।
वहीं सोनभद्र में ओबरा स्थित शिव मंदिर के पर्यटन विकास, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार तथा अन्य सांस्कृतिक परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।
संस्कृति और धर्मार्थ विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में संस्कृति विभाग की ओर से इष्टिका मंदिर परिसर, परासी रामलीला मैदान और मिर्जापुर के ऐतिहासिक घंटाघर के संरक्षण एवं विकास संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
धर्मार्थ कार्य विभाग ने मां विंध्यवासिनी, मां अष्टभुजा और मां कालिखोह मंदिर को जोड़ने वाली लगभग 43.38 करोड़ रुपये की परिक्रमा पथ परियोजना की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों के निर्देश
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं नवंबर 2026 तक तथा डेढ़ करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं छह माह के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने नियमित स्थलीय निरीक्षण, सतत निगरानी और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने की सहभागिता
बैठक में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गौड़, विभिन्न क्षेत्रों के विधायक, जनप्रतिनिधि, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा भदोही और सोनभद्र के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। सभी ने पर्यटन विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर सहमति जताई।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल विंध्य क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नव दुर्गा पार्क, लाइट एंड साउंड शो, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर और विभिन्न धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण जैसी परियोजनाएं न केवल श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाएंगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देंगी।
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