मानव तस्करी की रोकथाम के लिए प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं ने मिलकर किया जागरूकता अभियान
मीरजापुर। विश्व मानव तस्करी विरोध दिवस के अवसर पर मीरजापुर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। श्रम विभाग मीरजापुर एवं मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में होटल कोणार्क ग्रैंड सबरी में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य मानव तस्करी, ऑनलाइन ठगी और रोजगार के नाम पर होने वाले छल-कपट के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना था।
मानव तस्करी के बदलते स्वरूप पर हुई चर्चा
कार्यशाला में विशेषज्ञों और अधिकारियों ने बताया कि मानव तस्करी केवल महिलाओं और बच्चों तक सीमित नहीं है। आज के समय में रोजगार, शिक्षा, विवाह और बेहतर जीवन के झूठे वादों के माध्यम से भी लोगों को तस्करी का शिकार बनाया जाता है। इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग को सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है।
सुरक्षित प्रवासन और ऑनलाइन ठगी से बचाव की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सुरक्षित प्रवासन, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, ऑनलाइन ठगी से बचाव, समय पर पुलिस और संबंधित विभागों को सूचना देने की प्रक्रिया तथा सरकार द्वारा उपलब्ध सहायता तंत्र की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि समय पर सूचना मिलने से कई मामलों में मानव तस्करी जैसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
सामूहिक प्रयासों पर दिया गया जोर
कार्यशाला में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और समुदाय के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की। सभी ने मानव तस्करी की रोकथाम के लिए प्रशासन, समाज और स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
जागरूकता को बताया सबसे प्रभावी हथियार
मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान, वाराणसी के प्रतिनिधियों ने कहा कि मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक समस्या से निपटने के लिए केवल कानून ही पर्याप्त नहीं है। समाज में व्यापक जागरूकता, लोगों की सतर्कता और प्रशासन के साथ सहयोग इस अपराध की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है।
मानव तस्करी के खिलाफ लिया गया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने मानव तस्करी के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने, संदिग्ध मामलों की समय पर सूचना देने तथा प्रत्येक व्यक्ति के सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन के अधिकार की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, पुलिस विभाग के क्षेत्राधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) के प्रभारी निरीक्षक, चाइल्ड लाइन मीरजापुर के जिला समन्वयक, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, अधिवक्ता संभव गुप्ता, मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान, वाराणसी के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया।
निष्कर्ष
विश्व मानव तस्करी विरोध दिवस पर आयोजित यह कार्यशाला समाज में जागरूकता बढ़ाने और मानव तस्करी जैसी गंभीर समस्या के विरुद्ध सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि रोजगार, शिक्षा या विवाह के नाम पर मिलने वाले संदिग्ध प्रस्तावों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को दें।
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