उत्तर प्रदेश में स्मार्ट आरसी व्यवस्था लागू
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वाहन स्वामियों के लिए बड़ा बदलाव लागू किया गया है। अब नई गाड़ियों के लिए पारंपरिक कागजी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) की जगह स्मार्ट आरसी जारी की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य वाहन संबंधी दस्तावेजों को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और डिजिटल बनाना है।
एटीएम कार्ड जैसी होगी स्मार्ट आरसी
नई स्मार्ट आरसी का आकार एटीएम कार्ड की तरह होगा, जिसे वाहन स्वामी आसानी से अपने पर्स या वॉलेट में रख सकेंगे। यह कार्ड पहले की कागजी आरसी की तुलना में अधिक सुरक्षित और लंबे समय तक उपयोग में रहने वाला होगा।
चिप और QR कोड से होगा डिजिटल सत्यापन
स्मार्ट आरसी में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। इसमें इनबिल्ट स्मार्ट चिप और QR कोड होगा, जिसकी मदद से पुलिस, परिवहन विभाग और अन्य अधिकृत एजेंसियां वाहन का विवरण कुछ ही सेकंड में डिजिटल रूप से सत्यापित कर सकेंगी। इससे फर्जी दस्तावेजों पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
पुराने वाहन मालिक भी उठा सकेंगे लाभ
परिवहन विभाग के अनुसार, जिन वाहन स्वामियों के पास अभी कागजी आरसी है, वे निर्धारित शुल्क जमा कर अपनी पुरानी आरसी को स्मार्ट आरसी में परिवर्तित करा सकेंगे। इसके लिए विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
नई गाड़ियों को सीधे मिलेगी स्मार्ट आरसी
1 अगस्त से पंजीकृत होने वाले सभी नए वाहनों के लिए अब सीधे स्मार्ट आरसी जारी की जाएगी। इससे वाहन संबंधी रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और सत्यापन पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी हो जाएगा।
डिजिटल व्यवस्था की ओर एक और कदम
परिवहन विभाग का मानना है कि स्मार्ट आरसी व्यवस्था लागू होने से वाहन स्वामियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, दस्तावेजों की सुरक्षा बढ़ेगी और वाहन सत्यापन की प्रक्रिया अधिक तेज, सरल और पारदर्शी बनेगी। यह पहल प्रदेश में परिवहन सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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