संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र)। जनपद के खनन कारोबार से जुड़े व्यापारियों के यहां पड़ी आयकर विभाग (आईटी) की बहुचर्चित छापेमारी का शुक्रवार देर शाम औपचारिक पटाक्षेप हो गया। तीन दिनों तक चली इस व्यापक कार्रवाई ने नगर में हलचल मचा दी और खनन कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क में खलबली रही।
सूत्रों के अनुसार, कई कारोबारियों और कथित रूप से कुछ नेताओं द्वारा धनराशि आवासों में अलग-अलग स्थानों पर छुपाकर रखी गई थी। संबंधित कारोबारी कथित धनराशि का समुचित लेखा-जोखा प्रस्तुत करने में असफल रहे। विभाग ने आय के स्रोत, लेन-देन का विवरण और कर अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
📌 प्रारंभिक कार्रवाई, जांच जारी
विभागीय सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई प्रारंभिक चरण है और वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच अभी जारी रहेगी। बरामद नकदी के अतिरिक्त कुछ स्थानों से आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं, जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है।
हालांकि आधिकारिक रूप से बरामदगी की सटीक राशि सार्वजनिक नहीं की गई है।
🧱 दीवार तोड़कर नकदी मिलने की चर्चा
आयकर टीम के लौटने के बाद नगर में यह चर्चा जोरों पर रही कि छापेमारी के दौरान एक कारोबारी के आवास की दीवार तोड़कर नकदी बरामद की गई।
दावा किया जा रहा है कि टीम ने संदिग्ध स्थानों की गहन तलाशी ली और आवश्यकता पड़ने पर ठोस संरचनाओं की भी जांच की। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
💰 कितनी मिली नकदी? आंकड़े सार्वजनिक नहीं
नगर में यह भी चर्चा का विषय बना रहा कि किस कारोबारी के यहां से कितनी नकदी और कितने मूल्य के आभूषण बरामद हुए।
आधिकारिक आंकड़े सामने न आने के कारण अफवाहों और कयासों का दौर जारी है। व्यापारिक समुदाय में इस कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखी गई। अधिकांश खनन कारोबारियों ने इसे खनन क्षेत्र पर बढ़ती निगरानी का संकेत बताया।
📱 मोबाइल बंद, फिर मिलने वालों की लगी कतार
छापेमारी के दौरान अधिकांश कारोबारियों के मोबाइल फोन बंद रहे। जैसे ही शुक्रवार शाम टीम की कार्रवाई समाप्त हुई, बंद मोबाइल दोबारा सक्रिय हो गए।
इसके बाद कुशलक्षेम पूछने वालों का तांता लग गया। कई कारोबारियों के आवासों पर शुभचिंतकों और साझेदारों की लंबी कतार देखी गई।
बताया जाता है कि कुछ कारोबारियों ने टीम की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कर्मचारियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात कर रखा था, जिससे कार्रवाई की हर जानकारी तत्काल मिल सके।
![]()



