UP Budget 2026: विकास, आधुनिकता और राजकोषीय अनुशासन का संतुलन
सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट होने के बावजूद इस वर्ष के बजट में राजकोषीय अनुशासन और आधुनिक विकास रणनीति पर विशेष जोर दिया गया है। बजट का आकार बढ़ाकर प्रदेश के आर्थिक उन्नयन के लिए नई व्यूह रचना प्रस्तुत की गई है।
सरकार का दावा है कि यह बजट विकास, निवेश और रोजगार सृजन को गति देने वाला है।
IT और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन
प्रदेश में 44.74 हजार करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात और मोबाइल निर्माण क्षेत्र में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी को भविष्य की ताकत के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
कृषि और सिंचाई पर फोकस
कृषि क्षेत्र के लिए 20 प्रतिशत और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के लिए 30 प्रतिशत अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने “बीज से बाजार” तक की व्यापक योजना के तहत किसानों को उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
पशुधन एवं दुग्ध विकास को भी बढ़ावा देते हुए 220 नई दुग्ध समितियों के गठन की घोषणा की गई है।
पंचायतों के लिए रिकॉर्ड आवंटन
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों से पहले पंचायती राज विभाग को 10,695 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो ग्राम पंचायतों के लिए 67 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है।
यह कदम ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
MSME और औद्योगिक विकास
लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। “एक जिला एक उत्पाद” और “एक जिला एक व्यंजन” जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।
औद्योगिक विकास, एक्सप्रेसवे परियोजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी बड़े पैमाने पर धन आवंटित किया गया है।
पूंजीगत व्यय और नई योजनाएं
बजट में 19.5 प्रतिशत पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है, जिससे आधारभूत ढांचे, सड़क, ऊर्जा और शहरी-ग्रामीण अधोसंरचना को गति मिलेगी।
करीब 43.5 हजार करोड़ रुपये की नई योजनाओं को बजट में शामिल किया गया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन
शिक्षा पर खर्च बढ़ाया गया है और पर्यटन को रोजगार सृजन का माध्यम बनाने पर बल दिया गया है। युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने का दावा किया गया है।
एआई तकनीक के माध्यम से राजस्व संग्रह में सुधार की बात भी बजट में कही गई है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
लघु उद्यमी और उद्योग जगत बजट को सकारात्मक बता रहे हैं। महिलाएं और युवा वर्ग भी विभिन्न योजनाओं का स्वागत कर रहे हैं।
हालांकि, विपक्षी दलों ने बजट को लेकर अपनी असहमति दर्ज की है।
निष्कर्ष
UP Budget 2026 विकास, डिजिटल प्रगति और राजकोषीय अनुशासन के संतुलन की कोशिश करता नजर आता है। IT, कृषि, पंचायत और MSME जैसे क्षेत्रों पर फोकस से यह स्पष्ट है कि सरकार आर्थिक विस्तार और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दे रही है।
आने वाले समय में इन घोषणाओं का जमीनी असर कितना दिखता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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