बाराबंकी। राजधानी लखनऊ से सटे जनपद बाराबंकी में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज हत्या की घटना के बाद शनिवार को दिवंगत अधिवक्ता शोएब किदवाई बॉबी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। असर की नमाज के बाद उनके पैतृक गांव गदिया स्थित कब्रिस्तान में पूरे सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान जनाजे में उमड़ा जनसैलाब यह दर्शा रहा था कि दिवंगत अधिवक्ता का समाज के विभिन्न वर्गों से कितना गहरा जुड़ाव था। पूरे क्षेत्र में शोक और गम का माहौल रहा, जहां हर आंख नम और हर चेहरा उदास नजर आया।
जैसे ही जनाजा गांव गदिया पहुंचा, उससे पहले ही शोक स्वरूप अधिकांश दुकानें बंद हो चुकी थीं। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ अपने प्रिय अधिवक्ता को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ी। गांव की गलियों से लेकर कब्रिस्तान तक लोगों का सैलाब दिखाई दिया। हर कोई अपने-अपने तरीके से श्रद्धांजलि अर्पित करता नजर आया। जनाजे में अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों और आम लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने दिवंगत के प्रति सम्मान और प्रेम को स्पष्ट किया। ग्रामीणों ने बताया कि शोएब किदवाई बॉबी का व्यक्तित्व अत्यंत मिलनसार, मददगार और संवेदनशील था। वह गरीबों, जरूरतमंदों और पीड़ितों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते थे। बंकी ब्लॉक के ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय विकास के कई महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए आमजन की समस्याओं को गंभीरता से उठाया, जिससे वह जनप्रिय और सम्मानित चेहरा बन गए थे। कानूनी क्षेत्र में भी उनकी पहचान बेहद मजबूत रही। शोएब किदवाई पिछले लगभग 15 वर्षों से बाराबंकी कचहरी में सक्रिय अधिवक्ता के रूप में कार्यरत थे। अपने सौम्य स्वभाव, स्पष्टवादिता और पेशे के प्रति समर्पण के कारण उन्होंने अधिवक्ता समाज में विशेष स्थान बनाया था। साथी अधिवक्ताओं ने उन्हें एक कुशल, ईमानदार और न्याय के प्रति समर्पित वकील के रूप में याद किया। उनके असामयिक निधन से अधिवक्ता समुदाय में गहरा शोक और आक्रोश देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को दिनदहाड़े अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी, जिससे पूरे जिले में सनसनी फैल गई। घटना के बाद से ही लोगों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। पुलिस प्रशासन द्वारा मामले की जांच तेज कर दी गई है और आरोपियों की तलाश के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। परिजनों के अनुसार, अंतिम संस्कार से पूर्व उनके छोटे भाई सोहेल किदवई, जो इंग्लैंड में कार्यरत हैं, के आने का इंतजार किया गया। उनके पहुंचने के बाद शनिवार को जनाजे की नमाज अदा की गई और उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अपने पीछे वह पत्नी शाजिया किदवाई, पुत्र अरहान किदवाई और बड़े भाई अधिवक्ता जावेद किदवई सहित पूरे परिवार को शोकाकुल छोड़ गए हैं। परिवार और शुभचिंतकों के बीच गहरा दुःख व्याप्त है। पूरे जनपद में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं।Top of Form
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