Thursday, April 30, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeताजा खबरदिल्ली-हिमाचल पुलिस आमने-सामने, एआई समिट विरोध मामले में 24 घंटे चला हाईवोल्टेज...

दिल्ली-हिमाचल पुलिस आमने-सामने, एआई समिट विरोध मामले में 24 घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा

न्यूज़ एजेंसी 

दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन का मामला अब दो राज्यों की पुलिस के बीच टकराव का कारण बन गया है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बुधवार को दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस के बीच करीब 24 घंटे तक चला गतिरोध आखिरकार बृहस्पतिवार तड़के समाप्त हुआ। हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद दिल्ली पुलिस तीन आरोपियों को लेकर दिल्ली रवाना हो सकी। जानकारी के मुताबिक भारतीय युवा कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं – सौरभ, सिद्धार्थ और अरबाज – को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल स्थित एक होटल से हिरासत में लिया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बावजूद दिल्ली पुलिस की टीम को करीब पांच घंटे तक रोके रखा गया।

बताया गया कि जब दिल्ली पुलिस आरोपियों को बुधवार शाम राष्ट्रीय राजधानी ले जा रही थी, तभी शिमला के पास शोघी सीमा पर हिमाचल पुलिस ने वाहनों को रोक लिया। इस दौरान दिल्ली पुलिस कर्मियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किए जाने की बात सामने आई। देर रात आरोपियों का शिमला के दीनदयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके बाद उन्हें एसीजेएम द्वितीय एकांश कपिल के आवास पर पेश किया गया। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम दिल्ली के लिए रवाना हुई, लेकिन शिमला के कानलोग क्षेत्र में उन्हें दोबारा रोक लिया गया। कुछ पुलिसकर्मियों को आरोपियों के साथ दिल्ली जाने और बाकी को कथित अपहरण मामले की जांच में सहयोग के लिए रुकने को कहा गया। शिमला पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों की प्रति भी मांगी। इस पर दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपियों की सुरक्षा और जब्त सामग्री उनकी जिम्मेदारी है तथा बिना लिखित प्रक्रिया के कोई साक्ष्य साझा नहीं किया जाएगा।

तड़के करीब चार बजे शोघी सीमा पर एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। बाद में स्थिति सामान्य हुई और दिल्ली पुलिस की टीम वहां से रवाना हो गई। दिल्ली पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त राहुल विक्रम ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किसी भी साक्ष्य की मांग की जा सकती है। गौरतलब है कि 20 फरवरी को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कमीज उतारकर किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंगा, वैमनस्य फैलाने सहित अन्य आरोप दर्ज किए गए हैं। इससे पहले भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब और पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता भूदेव शर्मा को भी गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा चुका है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

Loading

RELATED ARTICLES

सीएसआईआर सीमैप के द्वारा कराया जा रहा ड्रोन से छिड़काव

नित्यानंद की रिपोर्ट सीएसआईआर सीमैप द्वारा लगातार टिकाऊ खेती पर कार्य किया जा रहा है। इसी टिकाऊ खेती के अन्तर्गत सीएसआईआर सीमैप के डायरेक्टर तथा...

सीतापुरः सदरपुर में पांच प्रतिबंधित पेड़ काटे गएः वन विभाग ने सिर्फ दो पेड़ों का जुर्माना लगाया, जांच की मांग

सीतापुर के सदरपुर क्षेत्र में प्रतिबंधित पेड़ों का अवैध कटान लगातार जारी है। महमूदाबाद ग्राम पंचायत के कन्धई पुरवा में हाल ही में पांच...

मिर्जापुर की बेटी आंशी सिंह पटेल ने रचा इतिहास, हाईस्कूल में 96.17% अंक हासिल कर प्रदेश में 10वां स्थान, विधायक रिंकी कोल ने किया...

मिर्जापुर (लालगंज) से संवाददाता संजय दीप की रिपोर्ट मिर्जापुर जिले के लालगंज क्षेत्र की होनहार छात्रा आंशी सिंह पटेल ने हाईस्कूल परीक्षा में शानदार प्रदर्शन...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!
🔴
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की बैठक लखनऊ गोमती नगर में सम्पन्न हुई • गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आम आदमी पार्टी की तिरंगा पदयात्रा • डॉ. नेहा सोलंकी को मिला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाणपत्र