ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च, अमेरिका में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन
ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च अमेरिका में बड़े राजनीतिक विरोध के रूप में सामने आया है। शनिवार को पूरे अमेरिका में ‘नो किंग्स रैली’ के नाम से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिनमें लाखों लोगों ने हिस्सा लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रदर्शन में करीब 80 लाख लोग शामिल हुए और अमेरिका के सभी 50 राज्यों में 3,300 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित किए गए।
ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च, 3,300 जगह हुए प्रदर्शन

ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च अमेरिका के इतिहास के बड़े प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, पूरे देश में एक साथ 3,300 से ज्यादा जगहों पर प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और ट्रम्प सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई।
आयोजकों का कहना है कि अक्टूबर में हुए पिछले ‘नो किंग्स’ प्रदर्शनों की तुलना में इस बार लगभग 10 लाख ज्यादा लोग शामिल हुए और करीब 600 ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए गए। इससे साफ है कि ट्रम्प सरकार के खिलाफ लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च, ईरान वॉर बना बड़ा मुद्दा
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे ट्रम्प सरकार की कई नीतियों से नाराज हैं। खास तौर पर ईरान के साथ बढ़ते तनाव को लेकर लोगों में गुस्सा देखा गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे किसी भी तरह के युद्ध के खिलाफ हैं और सरकार को युद्ध की स्थिति पैदा करने से बचना चाहिए। ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च में ईरान मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया गया।
महंगाई और इमिग्रेशन नीति को लेकर भी नाराजगी
ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च में शामिल लोगों ने महंगाई और सख्त इमिग्रेशन नीति को लेकर भी विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम लोगों की जिंदगी मुश्किल होती जा रही है। इसके अलावा सरकार की सख्त इमिग्रेशन नीति के कारण भी कई लोग नाराज हैं।
ट्रम्प और जेडी वेंस के खिलाफ लगे पोस्टर
प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर लोगों ने ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के खिलाफ पोस्टर और बैनर दिखाए। प्रदर्शनकारियों ने दोनों नेताओं को पद से हटाने की मांग की। ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च के दौरान कई जगहों पर नारेबाजी भी की गई।
पहले भी हो चुके हैं ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन
ट्रम्प के खिलाफ अब तक राष्ट्रीय स्तर पर तीन बार ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन आयोजित किए जा चुके हैं। पहला बड़ा प्रदर्शन जून 2025 में हुआ था। इसके बाद अक्टूबर 2025 में दूसरा प्रदर्शन आयोजित किया गया। जबकि तीसरा प्रदर्शन 28 मार्च को आयोजित किया गया, जिसमें सबसे ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया।
क्या है ‘नो किंग्स’ आंदोलन
‘नो किंग्स’ आंदोलन एक राजनीतिक विरोध आंदोलन है, जिसमें लोग सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सरकार पर दबाव बनाना और नीतियों में बदलाव की मांग करना है। ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च इसी आंदोलन का हिस्सा था।
व्हाइट हाउस बोला- प्रदर्शन से लोगों को फर्क नहीं पड़ता
व्हाइट हाउस ने इन प्रदर्शनों को ‘थेरेपी सेशन’ बताते हुए कहा कि आम लोगों को इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता। वहीं ट्रम्प का कहना है कि उनके फैसले देश को मजबूत बनाने के लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे ‘राजा’ नहीं हैं और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी ट्रम्प के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली है। पेरिस, लंदन और लिस्बन जैसे शहरों में भी लोगों ने सड़कों पर उतरकर ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन किया और उन्हें पद से हटाने की मांग की।
निष्कर्ष
ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च अमेरिका की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। इतने बड़े स्तर पर हुए प्रदर्शनों से साफ है कि सरकार की नीतियों को लेकर लोगों में नाराजगी है। आने वाले समय में इस आंदोलन का अमेरिकी राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
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