पूर्व मंत्री संग्राम सिंह वर्मा का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

बाराबंकी। जिले और प्रदेश की राजनीति से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता संग्राम सिंह वर्मा का निधन हो गया है। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। समर्थकों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में गहरा दुख देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि बाराबंकी नगरपालिका में बोर्ड की बैठक चल रही थी। इसी दौरान अचानक फोन पर सूचना मिली कि पूर्व मंत्री संग्राम सिंह वर्मा की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई है। यह खबर मिलते ही बैठक में मौजूद कई लोग तुरंत बाराबंकी से रवाना हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी लोग जल्द से जल्द उनके पास पहुंचना चाहते थे।
सूचना मिलते ही सुरेन्द्र चाचा तुरंत पहुंच गए। वहीं नगरपालिका चेयरमैन शीला सिंह भी तत्काल वहां के लिए रवाना हो गईं। अचानक आई इस खबर से सभी लोग चिंतित हो गए थे। पहले यह खबर आई कि उनकी तबीयत खराब है, लेकिन कुछ ही समय बाद यह दुखद समाचार मिला कि संग्राम सिंह वर्मा अब इस दुनिया में नहीं रहे। जैसे ही उनके निधन की खबर क्षेत्र में फैली, वैसे ही शोक की लहर दौड़ गई। उनके समर्थकों और चाहने वालों की भारी भीड़ उनके आवास की ओर उमड़ पड़ी। हर कोई स्तब्ध था और किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि संग्राम सिंह वर्मा अब हमारे बीच नहीं रहे। लोग एक-दूसरे से यही कहते नजर आए कि “अभी तो तबीयत खराब होने की खबर आई थी, अचानक यह कैसे हो गया।” संग्राम सिंह वर्मा क्षेत्र के एक लोकप्रिय नेता थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और मंत्री पद पर रहते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कई कार्य कराए। वे हमेशा जनता के बीच रहने वाले नेता माने जाते थे। क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर उन्होंने कई काम कराए, जिसके कारण लोगों के बीच उनकी मजबूत पकड़ थी।
उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। कई जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है और उन्हें श्रद्धांजलि दी है। लोगों का कहना है कि संग्राम सिंह वर्मा एक सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। वे हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे और यही कारण है कि वे जनता के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनके निधन से क्षेत्र की राजनीति में एक बड़ी खाली जगह हो गई है। उनके समर्थकों का कहना है कि संग्राम सिंह वर्मा का जाना क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
अचानक बिगड़ी तबीयत, फिर हुआ निधन
जानकारी के अनुसार, बाराबंकी नगर पालिका में बोर्ड की बैठक चल रही थी। उसी दौरान फोन के माध्यम से सूचना मिली कि पूर्व मंत्री संग्राम सिंह वर्मा की तबीयत अचानक बहुत खराब हो गई है। यह खबर मिलते ही बैठक में मौजूद कई जनप्रतिनिधि तुरंत वहां से निकल पड़े और उनके आवास की ओर रवाना हो गए।
बताया जा रहा है कि जैसे ही उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली, सुरेन्द्र वर्मा सहित परिवार और करीबी लोग तुरंत उनके पास पहुंच गए। नगर पालिका चेयरमैन शीला सिंह भी तुरंत वहां पहुंचीं। सभी लोग उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे, लेकिन कुछ ही समय बाद उनके निधन की खबर सामने आ गई।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक
पूर्व मंत्री संग्राम सिंह वर्मा के निधन की खबर मिलते ही बाराबंकी जिले में शोक की लहर फैल गई। उनके समर्थकों, शुभचिंतकों और क्षेत्र के लोगों में दुख का माहौल है। लोग लगातार उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। संग्राम सिंह वर्मा लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे और उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए कई कार्य किए। यही कारण है कि क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ और लोकप्रियता थी। उनके निधन को क्षेत्र की राजनीति के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
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