ABN NEWS 247/मोहम्मद फैसल सिद्दीकी/बाराबंकी। 240 रुपये तय, फिर भी 40 रुपये बढ़ोतरी किसानों का आरोप 1कोल्ड स्टोरेज मालिकों की मनमानी भाकिमयू दशहरी के प्रदेश सचिव निहाल अहमद सिद्दीकी ने उठाए बड़े सवाल 54 किलो पर भाड़ा,50 किलो पर दाम किसान हर बोरी में घाटे में जनपद में आलू भंडारण शुल्क बढ़ोतरी को लेकर किसानों का आक्रोश तेज हो गया है। मीडिया से रूबरू होते हुए निहाल अहमद सिद्दीकी,प्रदेश सचिव, भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी ने कोल्ड स्टोरेज संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही घाटे में चल रहा है और अब भंडारण शुल्क की बढ़ोतरी ने उसकी कमर तोड़ दी है। उनका कहना है कि एक बोरी में 54 से 57 किलो आलू भरा जाता है। और भंडारण के समय पूरा भाड़ा लिया जाता है। लेकिन जब बिक्री होती है तो भुगतान केवल 50 किलो के हिसाब से किया जाता है। इस तरह किसान को प्रति बोरी 4 से 7 किलो आलू का सीधा नुकसान होता है। सिद्दीकी ने कहा उन्होंने सवाल उठाया कि जब बैठक में 240 रुपये प्रति कुंतल से अधिक शुल्क न बढ़ाने पर सहमति बनी थी। तो फिर 40 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी कैसे कर दी गई भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष के.के. गुड्डू यादव ने आरोप लगाया कि स्टोर मालिकों ने बिना किसानों से बातचीत किए मनमाने तरीके से 40 रुपये भंडारण शुल्क बढ़ा दिया। इस संबंध में एडीएम को ज्ञापन सौंपा गया है। और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है। वहीं भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत के जिलाध्यक्ष विनोद वर्मा ने कहा कि हर वर्ष प्रशासन किसान पंचायत का आयोजन करता था। जिसमें अधिकारी की मध्यस्थता में किसान और कोल्ड स्टोरेज मालिक आपसी सहमति से शुल्क तय करते थे। लेकिन इस बार किसान पंचायत का आयोजन ही नहीं किया गया जो कई सवाल खड़े करता है। भाकिमयू दशहरी संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व सीनियर एडवोकेट रमेश चंद्र वर्मा ने कहा कि किसान पहले ही मंदी की मार झेल रहा है। अब इस बढ़ोतरी के बाद उसके सामने जीविका का संकट खड़ा हो सकता है। नियाज अंसारी ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो संगठन आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होगा। किसानों का कहना है कि जब डीजल और अन्य संचालन लागत में कोई बड़ी वृद्धि नहीं हुई तो भंडारण शुल्क में 40 रुपये की बढ़ोतरी का औचित्य क्या है। मुख्य रूप से मौजूद रहे सुशील कुमार यादव, मोहम्मद अलीम,सर्वेश कुमार,तरुण कुमार,मुकेश कुमार,जियाउद्दीन, अजय वर्मा सहित तमाम पदाधिकारी उपस्थित रहे।वहीं पूरे मामले को लेकर एडीएम निरंकार सिंह ने कहा कि किसानों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उठाई गई मांगों का परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
रिपोर्ट मोहम्मद फैसल सिद्दीकी बाराबंकी
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