बाराबंकी में भीषण आग: दो सगे भाइयों का आशियाना जलकर राख, लाखों का नुकसान
बाराबंकी में भीषण आग से दो परिवार बेघर, शादी के लिए रखे रुपये भी जले
आदर्श रावत| मसौली (नवाबगंज), बाराबंकी
बाराबंकी में भीषण आग की एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसमें दो सगे भाइयों का घर जलकर पूरी तरह राख हो गया। इस आगजनी की घटना में लाखों रुपये का सामान, नकदी, अनाज, कपड़े और गृहस्थी का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के बाद दोनों परिवार पूरी तरह बेघर हो गए हैं और अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता देने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना बाराबंकी जनपद के एक गांव की है, जहां रामबाबू पुत्र पंडित अपने परिवार के साथ घर में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि अचानक घर में आग लग गई। जब तक परिवार के लोग कुछ समझ पाते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखा सारा सामान जलने लगा और कुछ ही देर में पूरा घर जलकर राख हो गया।

आग में घर में रखा कूलर, पंखा, कपड़े, बर्तन, फर्नीचर, दो मोबाइल फोन समेत लगभग 80 हजार रुपये नकद जलकर राख हो गए। यह नकदी रामबाबू ने अपनी बहन की शादी के लिए बड़ी मेहनत से जोड़कर रखी थी। इसके अलावा घर में रखा दो बोरी चावल, दो बोरी दाल और एक बोरी आटा भी आग में जल गया। खाने-पीने का सारा सामान जल जाने से परिवार के सामने अब खाने का भी संकट खड़ा हो गया है। रामबाबू अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ इसी घर में रहते थे। घर जल जाने के बाद अब उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं बची है। पीड़ित रामबाबू ने रोते हुए बताया कि उन्हें समझ ही नहीं आया कि आग कैसे लगी और कब पूरे घर में फैल गई। उन्होंने बताया कि बहन की शादी के लिए जो पैसा जमा किया था, वह भी जल गया और अब उनके पास कुछ नहीं बचा है।

बाराबंकी में भीषण आग की इस घटना का असर इतना ज्यादा था कि आग की लपटें पास में स्थित उनके सगे भाई जितेंद्र के घर तक पहुंच गईं। आग ने जितेंद्र के घर को भी अपनी चपेट में ले लिया और उनका घर भी जलकर राख हो गया। जितेंद्र के घर में रखा पूरा गृहस्थी का सामान, कपड़े, बर्तन, फर्नीचर और लगभग 50 हजार रुपये नकद भी आग में जल गए।
जितेंद्र अपनी पत्नी, दो बेटों और एक बेटी के साथ इसी घर में रहते थे। घर जल जाने के बाद उनका परिवार भी पूरी तरह बेघर हो गया है। पीड़ित जितेंद्र ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें कुछ भी बचाने का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते पूरा घर जल गया और सालों की मेहनत पल भर में खत्म हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। जब तक आग बुझाई गई, तब तक दोनों घरों का सारा सामान जलकर राख हो चुका था। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर दमकल की गाड़ी पहुंच जाती तो शायद इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।
बाराबंकी में भीषण आग की इस घटना के बाद दोनों परिवारों के सामने रहने और खाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। घर जल जाने के कारण उनके पास न तो रहने के लिए घर बचा है और न खाने के लिए राशन। छोटे-छोटे बच्चों के साथ दोनों परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता, राशन सामग्री और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों परिवार गरीब हैं और उनकी आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी। ऐसे में इस हादसे ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि पीड़ित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे फिर से अपने जीवन की शुरुआत कर सकें। साथ ही बहन की शादी के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाए, क्योंकि शादी के लिए रखा पूरा पैसा आग में जल चुका है। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि ग्रामीण इलाकों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। अगर समय रहते दमकल की सुविधा मिल जाए तो ऐसे हादसों में होने वाले बड़े नुकसान को रोका जा सकता है। प्रशासन को ग्रामीण इलाकों में अग्नि सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से मदद की आस लगाए बैठे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन पीड़ित परिवारों की मदद के लिए क्या कदम उठाता है।
रामबाबू का दर्द छलका:
“हम लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही आग ने सब कुछ खत्म कर दिया। बहन की शादी के लिए जो पैसा जोड़ा था, वो भी जल गया। अब हमारे पास कुछ नहीं बचा, बच्चों के साथ कहां जाएं, यही समझ नहीं आ रहा है।” वहीं, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास में स्थित उनके सगे भाई जितेंद्र का घर भी इसकी चपेट में आ गया। जितेंद्र के घर में रखा पूरा गृहस्थी का सामान और लगभग ₹50 हजार नकद भी जलकर राख हो गया जितेंद्र अपनी पत्नी और दो लड़का एक लड़की के साथ परिवार के साथ इसी घर में रहता था।
जितेंद्र ने बताया:
“आग इतनी तेजी से फैली कि हम लोग कुछ भी नहीं बचा पाए। देखते ही देखते पूरा घर जल गया। सालों की मेहनत पल भर में खत्म हो गई। अब हम लोग पूरी तरह से बेघर हो गए हैं।” इस भीषण आगजनी की घटना ने दोनों भाइयों के परिवारों को पूरी तरह से बेघर और बेसहारा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उन्हें इस कठिन समय में सहारा मिल सके।
मदारपुर चौराहे पर भीषण बाइक टक्कर, दो युवकों की मौके पर दर्दनाक मौत
![]()



