15 अप्रैल तक तैयार होगा घाघरा नदी पर पीपा पुल, संजय सेतु मरम्मत के लिए आवागमन बंद
रामसनेहीघाट संवाददाता अखिलेश दास
बाराबंकी। घाघरा नदी पर पीपा पुल का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसे 15 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में संजय सेतु के पास बन रहा यह पीपा पुल तैयार होने के बाद आवागमन के लिए खोला जाएगा, जबकि संजय सेतु की मरम्मत के लिए उस पर यातायात बंद कर दिया जाएगा। घाघरा नदी पर पीपा पुल बनने से रामनगर और बहराइच की ओर जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
घाघरा नदी पर पीपा पुल निर्माण कार्य तेज
बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में घाघरा नदी पर पीपा पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण स्थल पर बुधवार को एक दर्जन से अधिक कर्मचारी काम करते नजर आए। अधिकारियों के अनुसार, इस अस्थायी पीपा पुल का निर्माण लगभग 6 करोड़ 18 लाख 53 हजार रुपये की लागत से किया जा रहा है। घाघरा नदी में दो धाराएं होने के कारण पीपा पुल का निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले चरण में एक धारा पर पुल तैयार किया गया, जबकि दूसरी धारा में पीपा डालने का काम तेजी से जारी है।
लगभग 100 पीपे लगाए जा चुके
जानकारी के अनुसार, अब तक घाघरा नदी में लगभग 100 पीपे डाले जा चुके हैं। रामनगर की ओर पुल का एक हिस्सा पूरी तरह तैयार हो चुका है, जबकि बहराइच सीमा की ओर भी निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शेष कार्य को जल्द पूरा कर लिया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल के दोनों ओर रेलिंग लगाने का काम भी पूरा कर लिया गया है। निर्माण कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर पुल तैयार किया जा सके।
15 अप्रैल तक पुल तैयार करने का लक्ष्य
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घाघरा नदी पर पीपा पुल को 15 अप्रैल तक पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि समय पर पुल तैयार हो सके और लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। जूनियर इंजीनियर सद्दाम ने बताया कि इस परियोजना का क्रियान्वयन लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक धारा पर दो पीपा पुल पहले ही बन चुके हैं, जबकि दूसरी धारा में पीपा डालने का कार्य दोनों ओर से किया जा रहा है।
संजय सेतु की होगी मरम्मत
परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि पीपा पुल के तैयार होने के बाद संजय सेतु पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद संजय सेतु की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। संजय सेतु की मरम्मत पर लगभग ढाई करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि संजय सेतु की मरम्मत के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसलिए पहले पीपा पुल तैयार किया जा रहा है ताकि आवागमन जारी रह सके।
लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
घाघरा नदी पर पीपा पुल बनने से रामनगर, बाराबंकी और बहराइच के बीच आवागमन करने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। अभी लोगों को लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता है, लेकिन पीपा पुल बनने के बाद यात्रा आसान हो जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पीपा पुल बनने से व्यापार और दैनिक आवागमन में भी सुविधा होगी। खासकर किसानों और व्यापारियों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा।
सुरक्षा व्यवस्था का रखा जा रहा ध्यान
प्रशासन द्वारा पीपा पुल पर सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पुल पर रेलिंग लगाने के साथ ही सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी की जाएगी ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। अधिकारियों ने बताया कि पुल तैयार होने के बाद यातायात नियम भी लागू किए जाएंगे और भारी वाहनों के आवागमन को नियंत्रित किया जाएगा।
समय पर काम पूरा करने के निर्देश
परियोजना निदेशक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 15 अप्रैल तक हर हाल में पीपा पुल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए। इसके बाद संजय सेतु की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी और आवागमन सुचारू रूप से जारी रहेगा।
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