दरियाबाद में भगवद्गीता ज्ञान महायज्ञ का भव्य आयोजन, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया गीता ज्ञान का लाभ
बाराबंकी। विधानसभा दरियाबाद अंतर्गत श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, सुमेरगंज में भगवद्गीता ज्ञान महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन आयोजक प्रमोद तिवारी (पूर्व जिला उपाध्यक्ष, भाजपा बाराबंकी) द्वारा कराया गया। भगवद्गीता ज्ञान महायज्ञ कार्यक्रम भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान के अपराधमुक्ति वैचारिक क्रांति अभियान एवं विश्व चेतना विकास आंदोलन के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गीता ज्ञान का लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम में पूज्य गुरुदेव श्री राम कृष्ण गोस्वामी जी ने श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य ज्ञान का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज में बढ़ती विकृतियों, अपराध और नैतिक पतन को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय आध्यात्मिक जागरण है। उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य के विचार शुद्ध नहीं होंगे, तब तक समाज में सुधार संभव नहीं है। इसलिए सभी लोगों को भगवद्गीता के ज्ञान को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
भगवद्गीता के ज्ञान से बदल सकता है समाज
भगवद्गीता ज्ञान महायज्ञ के दौरान गुरुदेव श्री राम कृष्ण गोस्वामी जी ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला महान ग्रंथ है। गीता हमें कर्म, धर्म, सत्य और मानवता का मार्ग दिखाती है। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति गीता के उपदेशों को अपने जीवन में अपनाए, तो उसका जीवन सफल हो सकता है और समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को विशेष रूप से गीता का अध्ययन करना चाहिए, क्योंकि गीता हमें सही और गलत का ज्ञान कराती है और जीवन में सही निर्णय लेने की प्रेरणा देती है। गीता का ज्ञान व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है और जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

अपराधमुक्त समाज के लिए वैचारिक क्रांति जरूरी
यह कार्यक्रम भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान के अपराधमुक्ति वैचारिक क्रांति अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य समाज को अपराधमुक्त बनाना और लोगों में नैतिकता एवं आध्यात्मिकता की भावना को बढ़ाना है। कार्यक्रम में बताया गया कि जब तक समाज में नैतिक मूल्यों का विकास नहीं होगा, तब तक अपराधों पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सकता।
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि वैचारिक क्रांति के माध्यम से ही समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है। इसके लिए लोगों को धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों से जोड़ना आवश्यक है ताकि समाज में सकारात्मक सोच विकसित हो सके।
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया गीता ज्ञान का लाभ

भगवद्गीता ज्ञान महायज्ञ कार्यक्रम में सुमेरगंज और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सभी श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से गीता के ज्ञान को सुना और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। कार्यक्रम के अंत में आयोजक प्रमोद तिवारी द्वारा सभी अतिथियों, संतजन एवं उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक कार्यक्रम समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
समाज को सही दिशा दिखाने वाले कार्यक्रम
इस तरह के धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। भगवद्गीता ज्ञान महायज्ञ जैसे कार्यक्रम लोगों को जीवन जीने की सही राह दिखाते हैं और समाज में नैतिकता, संस्कार और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं। विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि समाज में अपराध कम करना है तो लोगों में आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षा का प्रसार करना बहुत जरूरी है। गीता का ज्ञान व्यक्ति को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है और समाज को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।इस भव्य आयोजन के माध्यम से लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त हुआ और समाज को एक सकारात्मक संदेश भी मिला।
अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर LPG टैंकर से गैस रिसाव, 16 घंटे बाद यातायात सामान्य
![]()



