अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर एलपीजी टैंकर से गैस रिसाव, 16 घंटे बाद यातायात सामान्य
ब्यूरो रिपोर्ट शिवम सिंह
बाराबंकी। अयोध्या-लखनऊ नेशनल हाईवे पर एलपीजी टैंकर से गैस रिसाव होने की वजह से लगभग 16 घंटे तक यातायात बाधित रहा। बाराबंकी जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र के असैनी मोड़ के पास 18 टन एलपीजी से भरे एक टैंकर से अचानक गैस रिसाव शुरू हो गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल हाईवे पर यातायात रोक दिया और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया। प्रशासन की सतर्कता और समय रहते की गई कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
एलपीजी टैंकर से गैस रिसाव से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार टैंकर चालक गुरप्रीत मथुरा से 18 टन एलपीजी लेकर नेपाल जा रहा था। बुधवार शाम करीब 6:45 बजे जैसे ही टैंकर बाराबंकी के असैनी मोड़ के पास पहुंचा, टैंकर के ऊपरी हिस्से में लगे वाल्व से अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस रिसाव होते ही चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए टैंकर को तुरंत सड़क किनारे रोक दिया और पुलिस को सूचना दी। एलपीजी टैंकर से गैस रिसाव की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मौके पर तुरंत कोतवाली नगर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां पहुंच गईं और पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया। सुरक्षा को देखते हुए हाईवे पर दोनों तरफ से वाहनों को रोक दिया गया।
16 घंटे तक बाधित रहा यातायात
एलपीजी टैंकर से गैस रिसाव की घटना के बाद अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया। सुरक्षा कारणों से किसी भी वाहन को टैंकर के पास से गुजरने की अनुमति नहीं दी गई। इससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया और हजारों वाहन फंस गए। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत वाहनों को दूसरे रास्तों से डायवर्ट किया। शहर की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा गया, जबकि बाराबंकी की तरफ आने-जाने वाले वाहनों के रूट भी अस्थायी रूप से बदल दिए गए। करीब 16 घंटे तक हाईवे पर यातायात बाधित रहा।
लखनऊ से बुलाए गए विशेषज्ञ
गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए लखनऊ से कंपनी के विशेषज्ञ अधिकारियों को बुलाया गया। विशेषज्ञों की टीम रात में ही मौके पर पहुंच गई और उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए रिसाव कर रहे टैंकर से एलपीजी को दूसरे खाली टैंकरों में ट्रांसफर करने का काम शुरू किया गया। यह प्रक्रिया काफी सावधानी से की गई क्योंकि जरा सी चूक होने पर बड़ा हादसा हो सकता था। पूरी रात चले राहत और बचाव कार्य के बाद गैस को सुरक्षित रूप से दूसरे टैंकरों में स्थानांतरित कर दिया गया।
बड़ा हादसा टला
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यदि समय रहते गैस रिसाव को नियंत्रित नहीं किया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। एलपीजी अत्यधिक ज्वलनशील गैस होती है और इसके रिसाव से आग लगने या विस्फोट का खतरा बना रहता है। इसलिए पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर राहत कार्य किया गया। स्थानीय लोगों को भी घटनास्थल से दूर रहने की सलाह दी गई थी। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पूरी रात मौके पर तैनात रही और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
गुरुवार दोपहर से यातायात सामान्य
राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त टैंकर को मौके से हटाया गया। इसके बाद गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे हाईवे पर यातायात फिर से शुरू कर दिया गया। लगभग 16 घंटे बाद यातायात सामान्य होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। प्रशासन ने बताया कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी प्रकार का खतरा नहीं है। पुलिस ने भी यातायात को सुचारू रूप से चालू करा दिया है।
प्रशासन की सतर्कता से टला हादसा
इस पूरी घटना में प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। अगर समय रहते टैंकर से गैस को दूसरे टैंकर में ट्रांसफर नहीं किया जाता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। प्रशासन ने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए टैंकरों की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
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