Wednesday, April 29, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeअपराधमिर्जापुर: बरकछा चौकी में IGRS निस्तारण में फर्जीवाड़ा, दारोगा पर फर्जी गवाह...

मिर्जापुर: बरकछा चौकी में IGRS निस्तारण में फर्जीवाड़ा, दारोगा पर फर्जी गवाह बनाने का आरोप

IGRS शिकायतों के निस्तारण में फर्जी गवाहों का खेल

मिर्जापुर।जनपद मिर्जापुर के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बरकछा चौकी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें आईजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System) के निस्तारण में कथित फर्जीवाड़े का आरोप लगाया जा रहा है। यह मामला सीधे तौर पर शासन की उस प्राथमिकता पर सवाल खड़ा करता है, जिसमें आम जनता की शिकायतों का पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, बरकछा चौकी पर तैनात दारोगा रमाशंकर यादव पर आरोप है कि वह आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में फर्जी गवाहों का सहारा लेते हैं। बताया जा रहा है कि कई मामलों में बिना वास्तविक जांच किए, कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए काल्पनिक या मनगढ़ंत गवाह खड़े कर दिए जाते हैं और उसी आधार पर शिकायतों का निस्तारण दिखा दिया जाता है। इससे न केवल शिकायतकर्ता को न्याय नहीं मिल पाता, बल्कि पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक-दो मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग शिकायतों में इसी तरह का तरीका अपनाया गया है। कई शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उनकी शिकायतों का निस्तारण उनकी जानकारी के बिना ही कर दिया गया, और जब उन्होंने स्थिति की जानकारी ली तो पता चला कि गवाहों के नाम पर ऐसे लोगों को दिखाया गया है, जिनका मामले से कोई लेना-देना ही नहीं था। एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि दारोगा रमाशंकर यादव कई वर्षों से एक ही चौकी पर तैनात हैं। आमतौर पर पुलिस विभाग में समय-समय पर स्थानांतरण की प्रक्रिया होती है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या स्थानीय प्रभाव से बचा जा सके। लेकिन बरकछा चौकी को “मालदार चौकी” माना जाता है, और यही वजह बताई जा रही है कि यहां लंबे समय से एक ही अधिकारियों की तैनाती बनी हुई है। वर्तमान में इस चौकी पर दो दारोगा तैनात हैं, जो अपने आप में चर्चा का विषय बना हुआ है।

मुख्यमंत्री द्वारा आईजीआरएस को प्राथमिकता दिए जाने के बावजूद, यदि इस तरह के फर्जी निस्तारण हो रहे हैं, तो यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है बल्कि शासन की मंशा के विपरीत भी है। आईजीआरएस का उद्देश्य आम नागरिकों को उनकी शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान प्रदान करना है, लेकिन जब निस्तारण ही संदिग्ध तरीके से किया जाएगा, तो लोगों का भरोसा इस प्रणाली से उठना स्वाभाविक है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर उच्च अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा तेजी से तूल पकड़ रहा है। यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाती है, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।

सम्पूर्ण समाधान दिवस मिर्जापुर: डीएम की अध्यक्षता में 41 शिकायतें, 5 का मौके पर निस्तारण

Loading

RELATED ARTICLES

सीएसआईआर सीमैप के द्वारा कराया जा रहा ड्रोन से छिड़काव

नित्यानंद की रिपोर्ट सीएसआईआर सीमैप द्वारा लगातार टिकाऊ खेती पर कार्य किया जा रहा है। इसी टिकाऊ खेती के अन्तर्गत सीएसआईआर सीमैप के डायरेक्टर तथा...

सीतापुरः सदरपुर में पांच प्रतिबंधित पेड़ काटे गएः वन विभाग ने सिर्फ दो पेड़ों का जुर्माना लगाया, जांच की मांग

सीतापुर के सदरपुर क्षेत्र में प्रतिबंधित पेड़ों का अवैध कटान लगातार जारी है। महमूदाबाद ग्राम पंचायत के कन्धई पुरवा में हाल ही में पांच...

मिर्जापुर की बेटी आंशी सिंह पटेल ने रचा इतिहास, हाईस्कूल में 96.17% अंक हासिल कर प्रदेश में 10वां स्थान, विधायक रिंकी कोल ने किया...

मिर्जापुर (लालगंज) से संवाददाता संजय दीप की रिपोर्ट मिर्जापुर जिले के लालगंज क्षेत्र की होनहार छात्रा आंशी सिंह पटेल ने हाईस्कूल परीक्षा में शानदार प्रदर्शन...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!
🔴
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की बैठक लखनऊ गोमती नगर में सम्पन्न हुई • गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आम आदमी पार्टी की तिरंगा पदयात्रा • डॉ. नेहा सोलंकी को मिला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाणपत्र