गांव की राशन दुकान अटैच होने से बढ़ी समस्या
मीरजापुर संवाददाता मनीष पाण्डेय
राशन दुकान अटैच मीरजापुर का मामला सामने आया है। मीरजापुर जनपद के पड़री विकासखंड पहाड़ी के ग्राम पंचायत पड़री में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान को दूसरी ग्राम पंचायत की राशन दुकान से अटैच कर दिया गया है। इसके बाद ग्रामीणों को राशन लेने में काफी परेशानी हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन ही कई गरीब परिवारों को राशन नहीं मिल सका, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांव में ही राशन मिल जाता था, लेकिन दुकान अटैच होने के बाद अब उन्हें दूसरे गांव जाना पड़ रहा है। इससे समय और पैसे दोनों की समस्या हो रही है। कई बुजुर्ग और महिलाएं इतनी दूर जाकर राशन नहीं ला पा रही हैं।
राशन लेने पहुंचे ग्रामीणों को नहीं मिला खाद्यान्न
ग्रामीणों के अनुसार, दुकान अटैच होने के बाद उन्हें पास के गांव की दुकान पर राशन लेने भेजा गया। लेकिन जब ग्रामीण वहां पहुंचे तो कोटेदार ने राशन देने से मना कर दिया। इससे ग्रामीणों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। इस कारण गरीब परिवारों को खाद्यान्न के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार मनमानी कर रहा है। कुछ लोगों को राशन दिया जा रहा है और कुछ लोगों को वापस कर दिया जाता है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दुकान अटैच की गई है तो सभी कार्डधारकों को राशन मिलना चाहिए।
वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का नहीं मिल रहा लाभ
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की वन नेशन वन राशन कार्ड योजना लागू है। इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी राशन दुकान से राशन ले सकता है। लेकिन राशन दुकान अटैच मीरजापुर के इस मामले में योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार योजनाएं तो बनाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका पालन नहीं हो रहा है। यदि वन नेशन वन राशन कार्ड योजना सही तरीके से लागू होती तो किसी भी ग्रामीण को राशन के लिए परेशान नहीं होना पड़ता।
अधिकारियों से संपर्क, लेकिन नहीं मिला समाधान
ग्रामीणों ने खाद्य आपूर्ति निरीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दिनभर फोन रिसीव नहीं किया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने जिला पूर्ति अधिकारी को सूचना दी। जिला पूर्ति अधिकारी ने मेले में व्यस्त होने की बात कहकर बाद में बात करने को कहा।
ग्रामीणों का कहना है कि जब अधिकारी ही फोन नहीं उठाते तो उनकी समस्या का समाधान कैसे होगा। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
गरीब परिवारों के सामने खड़ी हुई समस्या
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई गरीब परिवार पूरी तरह सरकारी राशन पर निर्भर हैं। ऐसे में राशन न मिलना उनके लिए बहुत बड़ी समस्या बन जाता है। नवरात्रि जैसे त्योहार के समय राशन न मिलने से परिवारों के सामने खाने की समस्या खड़ी हो गई है। कई परिवार ऐसे हैं जिनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है और वे मजदूरी करके अपना घर चलाते हैं। यदि उन्हें समय पर राशन नहीं मिलता है तो उनके सामने भोजन की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए। उनका कहना है कि राशन दुकान को फिर से गांव में संचालित किया जाए या फिर अटैच दुकान से सभी कार्डधारकों को राशन दिलाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से चल रही है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन
इस मामले में प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी पात्र व्यक्ति को राशन नहीं मिल रहा है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को राशन से वंचित नहीं किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यदि कोटेदार की शिकायत सही पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी कार्डधारकों को समय पर राशन मिल सके।
समस्या के समाधान का इंतजार
इस प्रकार राशन दुकान अटैच मीरजापुर का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। ग्रामीणों को अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ सकती है। त्योहार के समय राशन न मिलना गरीब परिवारों के लिए सबसे बड़ी समस्या है। इसलिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान करना चाहिए, ताकि किसी भी गरीब परिवार को भूखा न रहना पड़े।
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