मीरजापुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मीरजापुर का ऐतिहासिक घंटाघर परिसर देशभक्ति, संस्कृति और युवा प्रतिभाओं के सम्मान का गवाह बना। नगर पालिका परिषद मीरजापुर की ओर से आयोजित भव्य समारोह में देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतिभावान युवाओं के सम्मान ने कार्यक्रम को खास बना दिया। देर शाम तक घंटाघर परिसर में उत्साह और राष्ट्रभक्ति का माहौल दिखाई दिया। कार्यक्रम में नगर के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और स्वतंत्रता दिवस की खुशियों में शामिल हुए।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज, नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कनौजिया, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, पुलिस अधीक्षक अर्पण रजत कौशिक और नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा नगर पालिका परिषद के सभासद, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, युवा प्रतिभाएं और बड़ी संख्या में नगरवासी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी के बीच आयोजित कार्यक्रम ने स्वतंत्रता दिवस की गरिमा को और बढ़ाया। ऐतिहासिक घंटाघर की पृष्ठभूमि में जब सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शुरू हुईं तो पूरा परिसर देशभक्ति और उत्साह के माहौल में बदल गया।
‘रुद्राक्ष’ बैंड की प्रस्तुति ने जीता लोगों का दिल
कार्यक्रम में ‘रुद्राक्ष’ बैंड की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण में रही। बैंड की प्रस्तुति के दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों और युवाओं ने भी विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
संगीत, संस्कृति और देशभक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मनोरंजन करने के साथ स्वतंत्रता दिवस की भावना को भी मजबूत किया। ऐतिहासिक घंटाघर की पृष्ठभूमि में आयोजित यह आयोजन शहर की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक प्रतिभाओं के बीच एक सुंदर कड़ी के रूप में नजर आया।
प्रतिभावान युवाओं को दिया गया चेयरमैन अवार्ड
समारोह का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा शिक्षा, खेल और विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं एवं युवाओं का सम्मान रहा। नगर पालिका परिषद की ओर से प्रतिभावान युवाओं को चेयरमैन अवार्ड प्रदान किया गया।
सम्मान पाने वालों में IES अनमोल जायसवाल, IES हर्षिता यादव, मानसी यादव, तन्या केसरी, समर गिरी, प्रिया श्रीवास्तव, अभिरुप वर्मा, प्रमजोत कौर, अहिस्मा गुप्ता, नरोत्तम त्रिपाठी, प्रेम चन्द्र गुप्ता, पारिधि रस्तोगी, इरा गुप्ता, अंशिका केसरी, गुरु, आशिष यादव, मानवी मौर्या, कहकशा परवीन, अंजली, शांभवी, प्रियंका प्रजापति और संध्या शामिल रहीं।
सम्मान मिलने के बाद प्रतिभाओं के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। चेयरमैन अवार्ड के जरिए इन युवाओं को उनकी उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही इस पहल का उद्देश्य दूसरे विद्यार्थियों और युवाओं को भी मेहनत, लगन और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना रहा।
मीरजापुर में प्रतिभाओं की कमी नहीं
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि मीरजापुर की धरती प्रतिभाओं से समृद्ध है। शहर और जिले के युवाओं ने शिक्षा, खेल, तकनीक, कला और अन्य क्षेत्रों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए सही मंच और उचित अवसर मिलते रहें।
स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं का सम्मान युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने का काम करता है। जब किसी युवा की उपलब्धि को सार्वजनिक रूप से पहचान मिलती है तो इससे दूसरे युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव नहीं, जिम्मेदारी का भी दिन
नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि आजादी हमें अधिकारों के साथ जिम्मेदारियां भी देती है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने देश और समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाए।
उन्होंने युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए शिक्षा, खेल, विज्ञान, तकनीक, उद्यमिता और सामाजिक क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उनका कहना था कि प्रतिभावान युवाओं को प्रोत्साहन देने से समाज में सकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है और नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
विरासत को बचाते हुए आधुनिक विकास की जरूरत
समारोह में मीरजापुर की ऐतिहासिक पहचान और विरासत को लेकर भी चर्चा हुई। नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी ने ऐतिहासिक घंटाघर को शहर की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि आधुनिक विकास के साथ शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना भी जरूरी है।
उन्होंने पारंपरिक अखाड़ों, पोखरों, घाटों, कुओं, प्रमुख चौराहों और आधारभूत सुविधाओं के विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शहर का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि मीरजापुर की पहचान और विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना भी जरूरी है।
पर्यटन से युवाओं के लिए खुल सकते हैं नए अवसर
मीरजापुर की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। विंध्याचल धाम, मां विंध्यवासिनी मंदिर, गंगा के घाट, चुनार की ऐतिहासिक विरासत, घंटाघर, कालीन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में पर्यटन की बड़ी संभावनाएं बताई गईं।
युवाओं से पर्यटन गाइड, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर, हस्तशिल्प उत्पादों के ऑनलाइन विक्रेता, स्टार्टअप उद्यमी और स्थानीय उत्पादों के ब्रांड एंबेसडर के तौर पर आगे आने का आह्वान किया गया।
आज के डिजिटल दौर में स्थानीय पर्यटन और हस्तशिल्प को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़कर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते तैयार किए जा सकते हैं। इससे मीरजापुर की पहचान देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है।
डिजिटल सुविधाओं से बदल रही शहर की तस्वीर
कार्यक्रम में शहर में डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। वाई-फाई जैसी आधुनिक सुविधाओं और डिजिटल पहलों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को सरल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में प्रयासों का उल्लेख हुआ।
तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में शहरों के विकास में डिजिटल सुविधाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मीरजापुर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की पहल नागरिकों और विशेष रूप से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है।
शहर को बेहतर बनाने में नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण
समारोह में लोगों से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जलस्रोतों की सुरक्षा और ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने में सहयोग करने की अपील की गई। कार्यक्रम में नागरिकों से यह सोचने का आह्वान किया गया कि देश और शहर ने उन्हें क्या दिया, यह पूछने के साथ-साथ उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि उन्होंने अपने देश, शहर और समाज के लिए क्या योगदान दिया।
स्वच्छता अभियान हो या पर्यावरण संरक्षण, हर स्तर पर नागरिकों की भागीदारी जरूरी है। यदि आम लोग अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए सार्वजनिक स्थानों, जलस्रोतों और ऐतिहासिक स्थलों की देखभाल में सहयोग करें तो शहर के विकास को और गति मिल सकती है।
स्वच्छ और आत्मनिर्भर मीरजापुर का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान मीरजापुर को स्वच्छ, सुंदर, आधुनिक और आत्मनिर्भर शहर बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का संदेश दिया गया। युवाओं से शिक्षा, खेल, कौशल विकास, पर्यटन, डिजिटल क्षेत्र और उद्यमिता में आगे बढ़ने की अपील की गई।
कार्यक्रम में यह भी संदेश दिया गया कि युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और नए विचार मीरजापुर के विकास की नई कहानी लिख सकते हैं। शहर की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाए तो मीरजापुर विकास के नए आयाम हासिल कर सकता है।
देशभक्ति और सम्मान के संदेश के साथ हुआ समापन
स्वतंत्रता दिवस पर घंटाघर परिसर में आयोजित यह समारोह देशभक्ति, संगीत, संस्कृति और युवा प्रतिभाओं के सम्मान का यादगार अवसर बना। एक ओर जहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का मनोरंजन किया, वहीं चेयरमैन अवार्ड से सम्मानित युवाओं को मिली पहचान ने समारोह को विशेष बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में “मेरा मीरजापुर आगे बढ़े, हमारा उत्तर प्रदेश आगे बढ़े और हमारा भारत आगे बढ़े” के संकल्प के साथ समारोह का समापन हुआ।
ऐतिहासिक घंटाघर परिसर में आयोजित इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का भी अवसर है। प्रतिभावान युवाओं को सम्मान देकर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देना और शहर की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक विकास के साथ जोड़ना इस समारोह की प्रमुख विशेषताओं में शामिल रहा।
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