मीरजापुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मीरजापुर के ऐतिहासिक चुनार किले में देशभक्ति और गौरव का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने पूरे आयोजन को खास बना दिया। किले की ऐतिहासिक दीवारों के बीच राष्ट्रध्वज फहराया गया तो वहीं मां गंगा की लहरों पर 80 नावों की आकर्षक सजावट ने लोगों का ध्यान खींच लिया। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में देशभक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण, युवा पीढ़ी और विकसित भारत के संकल्प का संदेश भी दिया गया।
ऐतिहासिक चुनार किले पर हुआ ध्वजारोहण
80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चुनार किले में आयोजित समारोह में प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामलों के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दुर्ग परिसर में राष्ट्रध्वज फहराया। ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रगान की गूंज सुनाई दी और भारत माता की जय के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
ऐतिहासिक चुनार किले की पृष्ठभूमि में आयोजित यह समारोह अपने आप में खास रहा। किले की ऐतिहासिक विरासत और स्वतंत्रता दिवस का राष्ट्रीय पर्व एक साथ दिखाई दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तिरंगे को सलामी दी और देश के प्रति अपनी निष्ठा एवं सम्मान व्यक्त किया।
पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
ध्वजारोहण के बाद कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार और जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन जगदीश सिंह पटेल के साथ दुर्ग परिसर में पौधारोपण किया।
पौधारोपण के जरिए स्वतंत्रता दिवस समारोह में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में यह विचार सामने आया कि देश के विकास के साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी जरूरी है। पेड़-पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत अपने नागरिकों की मेहनत, प्रतिभा और क्षमता के बल पर आर्थिक और सामरिक क्षेत्र में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आम नागरिकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
मंत्री ने कहा कि देश की प्रगति केवल सरकारों के प्रयास से संभव नहीं है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देना होगा। युवाओं, विद्यार्थियों, किसानों, उद्यमियों, कर्मचारियों और समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण है।
ऑपरेशन सिंदूर का भी किया उल्लेख
अपने संबोधन के दौरान कैबिनेट मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए भारत की सामरिक क्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति की बात कही। उन्होंने कहा कि देश ने अपनी सुरक्षा क्षमता और आत्मविश्वास का परिचय दिया है।
उन्होंने लोगों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया। उनका कहना था कि मजबूत भारत का निर्माण तभी संभव है जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी समझें।
बच्चों ने सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव पर किया नाटक
कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय चुनार के मेधावी विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया और इंटरनेट के दुष्प्रभावों पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया। सुधीर सिंह के निर्देशन में तैयार की गई इस प्रस्तुति ने दर्शकों को तकनीक के इस्तेमाल को लेकर सोचने पर मजबूर किया।
बच्चों की प्रस्तुति में यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल ज्ञान और विकास का माध्यम बन सकता है, लेकिन इसका अत्यधिक या गलत उपयोग बच्चों और युवाओं के लिए परेशानी का कारण भी बन सकता है।
प्रस्तुति की मुख्य अतिथि ने सराहना की। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी तकनीक के दौर में बड़ी हो रही है और उसमें सीखने तथा आगे बढ़ने की क्षमता है। जरूरत इस बात की है कि बच्चों को तकनीक का सकारात्मक इस्तेमाल करने के लिए उचित मार्गदर्शन दिया जाए।
संस्कार और तकनीक का संतुलन जरूरी
कार्यक्रम में बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संस्कार और आधुनिक तकनीक के बीच संतुलन की जरूरत पर भी जोर दिया गया। कहा गया कि तकनीक शिक्षा और ज्ञान के नए अवसर खोल सकती है, लेकिन बच्चों को इसके नकारात्मक प्रभावों से बचाना भी परिवार, स्कूल और समाज की जिम्मेदारी है।
बच्चों को सही दिशा और अच्छे संस्कार मिलने से वे तकनीक का इस्तेमाल अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ाने के लिए कर सकते हैं। ऐसी जागरूक और जिम्मेदार पीढ़ी ही आने वाले समय में देश के विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकती है।
गंगा की लहरों पर 80 नावों ने बनाया खास दृश्य
चुनार किले के समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा मां गंगा की धारा में देखने को मिला। उप जिलाधिकारी चुनार अनेग सिंह के निर्देशन में गंगा की लहरों पर 80 नावों को विशेष क्रम में सजाया गया।
इन नावों को एक निर्धारित पैटर्न में लगाकर 80वें स्वतंत्रता दिवस का प्रतीक चिह्न तैयार किया गया। गंगा की विशाल धारा के बीच नावों से बनाई गई आकृति देखने में बेहद आकर्षक नजर आई।
इस अनोखी पहल ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को एक अलग पहचान दी। किले की ऊंचाई से गंगा की ओर देखने पर नावों से तैयार किया गया प्रतीक लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। स्थानीय नागरिकों और कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस दृश्य को खास उत्साह के साथ देखा।
उत्कृष्ट योगदान देने वालों को मिला सम्मान
समारोह के दौरान आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले लोगों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। रामबाबू निषाद और रणजीत निषाद सहित अन्य प्रतिभागियों को कैबिनेट मंत्री की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
इस सम्मान का उद्देश्य आयोजन में योगदान देने वाले लोगों का उत्साह बढ़ाना और उनकी मेहनत को सार्वजनिक रूप से पहचान देना रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों और प्रतिभागियों की भी सराहना की गई।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख सीखड़ छत्रपति सत्येंद्र कुमार सिंह, ब्लॉक प्रमुख पहाड़ी इंद्रबहादुर पांडेय, डॉ. अनिल सिंह, मेघनाथ सिंह, उदय पटेल, उप जिलाधिकारी चुनार अनेग सिंह, तहसीलदार इवेंद्र कुमार, क्षेत्राधिकारी गायत्री यादव, अधिशासी अधिकारी विजय कुमार यादव और खंड विकास अधिकारी रामराज कुशवाहा सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा स्थानीय नागरिकों की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने ध्वजारोहण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और गंगा में नावों से तैयार की गई विशेष आकृति का आनंद लिया।
इतिहास और वर्तमान का संगम बना चुनार किला
चुनार किले में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यहां मीरजापुर की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक भारत के विकास का संदेश एक साथ दिखाई दिया। एक ओर सदियों पुराने किले में तिरंगा फहराया गया, तो दूसरी ओर गंगा की लहरों पर 80 नावों से स्वतंत्रता दिवस का प्रतीक तैयार किया गया।
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, बच्चों की शिक्षा, तकनीक के सही इस्तेमाल और विकसित भारत जैसे विषयों को भी जोड़ा गया। इससे समारोह केवल ध्वजारोहण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज और देश के भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदेशों का मंच बना।
जिम्मेदार नागरिकों से ही मजबूत होगा भारत
समारोह में दिए गए संदेशों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नागरिक जिम्मेदारी से जुड़ा रहा। देश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए नागरिकों से अपनी भूमिका निभाने की अपील की गई।
शिक्षा को बढ़ावा देना, पर्यावरण की रक्षा करना, बच्चों को सही दिशा देना, तकनीक का सकारात्मक इस्तेमाल करना और समाज में जिम्मेदारी के साथ योगदान देना ऐसे प्रयास हैं जो लंबे समय में देश की प्रगति को मजबूत कर सकते हैं।
देशभक्ति के संदेश के साथ यादगार बना आयोजन
चुनार किले में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह ने मीरजापुर में राष्ट्रीय पर्व की यादों को और खास बना दिया। ऐतिहासिक किले पर फहराता तिरंगा, राष्ट्रगान की गूंज, भारत माता के जयकारे, बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति और गंगा की लहरों पर 80 नावों से बनी आकर्षक आकृति पूरे आयोजन की प्रमुख विशेषताएं रहीं।
समारोह ने एक साथ कई संदेश दिए—देश के प्रति सम्मान, पर्यावरण संरक्षण, बच्चों और युवाओं को सही दिशा देने की जरूरत तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में नागरिकों की भागीदारी।
ऐतिहासिक चुनार किले की धरती पर आयोजित यह समारोह देशभक्ति और विकास के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। गंगा की लहरों पर 80 नावों से बनाया गया दृश्य इस आयोजन की खास पहचान बना और लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा।
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