मां विंध्यवासिनी धाम में किया विधिवत दर्शन-पूजन
उत्तर प्रदेश शासन के राजस्व विभाग की विशेष सचिव दिव्या मित्तल ने अपने तीन दिवसीय मिर्जापुर दौरे के दूसरे दिन विश्वविख्यात मां विंध्यवासिनी धाम पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। दर्शन-पूजन के दौरान उन्होंने प्रदेश और जनपद की सुख-समृद्धि एवं विकास की कामना की। मंदिर परिसर में दर्शन के बाद उन्होंने स्थानीय प्रशासन से भी विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
विशेष सचिव का यह दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इसके बाद उन्होंने जनपद में प्रस्तावित नवीन कलेक्ट्रेट भवन निर्माण की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
एनआईसी सभागार में हुई समीक्षा बैठक
दर्शन-पूजन के उपरांत विशेष सचिव दिव्या मित्तल कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार पहुंचीं, जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में वर्तमान कलेक्ट्रेट परिसर की स्थिति तथा चंदईपुर में प्रस्तावित नवीन कलेक्ट्रेट के अनावासीय भवन निर्माण से संबंधित सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने प्रस्तावित परियोजना की प्रगति, उपलब्ध भूमि, राजस्व अभिलेखों, पहुंच मार्ग, आधारभूत सुविधाओं और अन्य प्रशासनिक एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। विशेष सचिव ने सभी बिंदुओं का गंभीरता से अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर दिया जोर
बैठक के दौरान विशेष सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नवीन कलेक्ट्रेट निर्माण की प्रक्रिया को शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़ी सभी औपचारिकताओं और आवश्यक अभिलेखों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय के भीतर प्रारंभ किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और प्रत्येक चरण में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की ली जानकारी
समीक्षा बैठक में विशेष सचिव ने प्रस्तावित भूमि की उपलब्धता, राजस्व रिकॉर्ड, पहुंच मार्ग, बिजली, पानी, जल निकासी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा तो नहीं है और यदि कोई समस्या है तो उसका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परियोजना की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी दी।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश
विशेष सचिव दिव्या मित्तल ने कहा कि किसी भी बड़ी सरकारी परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने और नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना के प्रत्येक चरण की निगरानी गंभीरता से की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा नया कलेक्ट्रेट
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि प्रस्तावित नवीन कलेक्ट्रेट भवन को आधुनिक प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को एक ही परिसर में बेहतर और सुगम प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों ने बताया कि भवन निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभिन्न विभागों के कार्यों में सुविधा बढ़ेगी और आम जनता को भी सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक व्यवस्थित ढंग से मिल सकेगा।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व) देवेंद्र प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे विजेता, नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करते हुए परियोजना की प्रगति से विशेष सचिव को अवगत कराया।
निष्कर्ष
विशेष सचिव दिव्या मित्तल के मिर्जापुर दौरे के दौरान एक ओर जहां उन्होंने मां विंध्यवासिनी धाम में दर्शन-पूजन कर आस्था व्यक्त की, वहीं दूसरी ओर प्रस्तावित नवीन कलेक्ट्रेट निर्माण परियोजना की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा कर अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य है कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त नवीन कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण निर्धारित योजना के अनुरूप आगे बढ़े, जिससे भविष्य में जनपद के प्रशासनिक कार्यों में और अधिक दक्षता तथा आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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