16 जुलाई को निकलेगी भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा
मिर्जापुर में भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु रथयात्रा महोत्सव–2026 को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित रूप से आयोजित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को प्रस्तावित रथयात्रा के सफल आयोजन को लेकर नारघाट स्थित काली जी मंदिर के समीप श्याम उत्सव वाटिका में रथयात्रा प्रबंधकारिणी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न जिम्मेदारियां तय की गईं।
बैठक की अध्यक्षता ट्रस्टी ललित मोहन खंडेलवाल ने की, जबकि संचालन ट्रस्टी महामंत्री राकेश कुमार गुप्ता ने किया। समिति के पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और आयोजन की भव्यता को लेकर विस्तार से चर्चा की।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर
बैठक में अनुमानित बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए दर्शन-पूजन व्यवस्था, प्रसाद वितरण, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और महिला श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष मंथन किया गया। समिति ने निर्णय लिया कि प्रत्येक श्रद्धालु को भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु के सहज दर्शन का अवसर मिले और प्रसाद वितरण पूरी व्यवस्था के साथ किया जाए।
इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि रथ की रस्सी खींचने का अवसर अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को समान रूप से प्राप्त हो, जिससे हर भक्त स्वयं को इस महापर्व का सहभागी महसूस कर सके।
अनुशासन और सेवा भावना पर दिया गया बल
बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने आयोजन को अनुशासित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई सुझाव दिए। इस अवसर पर श्री पियूष तिवारी ने जनसहभागिता बढ़ाने और पूरे आयोजन को अनुशासन के साथ संपन्न कराने पर जोर दिया।
रथयात्रा के संरक्षक रवि शंकर साहू ने सेवाधारियों से निर्धारित परिधान में सेवा देने, भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु के प्रति श्रद्धा और सेवा भाव बनाए रखने तथा नंगे पैर रथ की रस्सी खींचने का आग्रह किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने, प्रसाद के दुरुपयोग को रोकने तथा पूरे आयोजन के दौरान केवल भगवान की भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण बनाए रखने पर बल दिया।
महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
बैठक में महिलाओं की भागीदारी और सुविधा को भी विशेष महत्व दिया गया। समिति ने निर्णय लिया कि महिला श्रद्धालुओं के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि वे बिना किसी असुविधा के रथयात्रा में शामिल होकर भगवान के दर्शन कर सकें।
रथयात्रा के संरक्षक गौरव कुमार ने आयोजन से जुड़े सभी छोटे-बड़े सुझावों को गंभीरता से लागू करने तथा प्रत्येक व्यवस्था की नियमित निगरानी करने की आवश्यकता बताई।
विभिन्न समितियों का किया गया गठन
आयोजन को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए कई समितियों का गठन किया गया। समिति ने 15 सदस्यीय सह-संयोजक दल, 15 सदस्यीय सह-प्रभारी दल, “सुभद्रा बहन टोली” के रूप में मातृशक्ति की विशेष टीम तथा 12 सदस्यीय सुरक्षा दल का गठन कर उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपीं।
समिति का उद्देश्य है कि रथयात्रा का प्रत्येक चरण सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाया जा सके।
प्रशासन से मिला सहयोग का आश्वासन
रथयात्रा प्रभारी राहुल चंद जैन (वायु) ने जानकारी दी कि समिति के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और नगरपालिका प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात कर आयोजन के लिए आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया है। प्रशासन की ओर से रथयात्रा के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन और स्वयंसेवकों के संयुक्त प्रयास से आयोजन बिना किसी व्यवधान के संपन्न होगा।
भारतीय संस्कृति और आस्था का महापर्व
रथयात्रा संयोजक रूप नारायण अग्रहरि (एडवोकेट) ने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोकआस्था, सामाजिक समरसता और जनसहभागिता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रथ की रस्सी खींचना और भगवान के दर्शन करना भक्तों के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में रथयात्रा में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील भी की।
सुबह दर्शन, शाम को निकलेगी भव्य रथयात्रा
समिति के अनुसार रथयात्रा के दिन प्रातःकाल भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु, श्री बलभद्र जी और माता सुभद्रा जी की सुसज्जित प्रतिमाओं को भव्य रथ पर विराजमान कर त्रिमोहानी चौराहे पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ स्थापित किया जाएगा। दिनभर दर्शन-पूजन का क्रम चलेगा, जबकि सायं 4 बजे महाआरती के बाद भगवान का दिव्य रथ नगर के निर्धारित मार्गों से भ्रमण के लिए निकलेगा।
आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। समिति ने सभी भक्तों से अनुशासन बनाए रखते हुए रथयात्रा में सहभागी बनने की अपील की है।
भव्य आयोजन का लिया गया संकल्प
बैठक के अंत में उपस्थित सभी पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि जनसहयोग, जनसहभागिता और भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की कृपा से रथयात्रा महोत्सव–2026 को पहले से अधिक भव्य, दिव्य, अनुशासित और ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा। समिति ने विश्वास जताया कि इस वर्ष की रथयात्रा धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रेरणादायी उदाहरण बनेगी।
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