रिपोर्टर: (मिर्जापुर ब्यूरो)
मिर्जापुर। जिले के जमालपुर ब्लॉक के चौकियां संघ स्थित पीसीयू (PCU) गेहूं खरीद केंद्र में सरकारी गेहूं के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि खरीद केंद्र बंद हुए एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बड़ी मात्रा में सरकारी गेहूं का उठान नहीं किया गया है।
खुले में रखा गया गेहूं
स्थानीय लोगों के अनुसार, गेहूं जर्जर भवन, टपकती छत, खुले मैदान और फटी तिरपाल के नीचे रखा हुआ है। बारिश, चूहों और आवारा पशुओं के कारण गेहूं के खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
नुकसान की आशंका पर उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि सैकड़ों कुंटल गेहूं खराब हो चुका है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यदि नुकसान की पुष्टि होती है तो सरकारी संपत्ति के संरक्षण और भंडारण व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो सकते हैं।
जिम्मेदारी तय करने की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि सरकारी खरीद के बाद अनाज के सुरक्षित भंडारण की जिम्मेदारी किसकी है और संभावित नुकसान की भरपाई कैसे की जाएगी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में संबंधित विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गेहूं को कितना नुकसान हुआ है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
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